आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय कन्वीनर और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल कहते हैं कि जो काम वे दिल्ली में नहीं कर पाए, उसे वे पंजाब में करेंगे। अरविंद केजरीवाल ने चंडीगढ़ बार काउंसिल के कार्यक्रम में दिल्ली सरकार के दोनों कार्यकाल की परफॉर्मेंस बताई। साथ ही साफ कर दिया कि उनका अगला निशाना अब पंजाब होगा। पंजाब व हरियाणा बार काउंसिल की ओर से लॉ भवन में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे केजरीवाल ने कहा कि पंजाब विधानसभा चुनाव में दिल्ली की तरह कांग्रेस का सफाया हो जाएगा।
अकाली दल को भी दस से ज्यादा सीटें नहीं मिलेगी। अपने अंदाज में सधे हुए भाषण के दौरान उन्होंने विरोधियों पर व्यंग्य कर कई बार लोगों को हंसाया। उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन के बारे में बताते हुए सियासी पार्टी बनाने की जरूरत साफ की। पहले कार्यकाल में भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम गिनाई। तो दूसरे कार्यकाल में शिक्षा, सेहत, सस्ती बिजली, ऑड-इवन फॉर्मूला समेत कई उपलब्धियां बताईं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में हरियाणा के वकील भी थे। लेकिन उन्होंने एक बार भी हरियाणा का नाम नहीं लिया।
दिल्ली की उपलब्धियां गिनाने के बाद सिर्फ पंजाब केबारे में बात की। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने कहा कि अब सबको मिल कर पंजाब बनाना है। यह चुनाव नहीं, आंदोलन है। सबको मिल कर लड़ना होगा। हम पैसे से चुनाव नहीं लड़ते, हमारे पास पैसा है ही नहीं। जनता ही पैसा लगाती है, समय देती, वही चुनाव लड़ती है। यही क्रांति पंजाब में फैलेगी। पंजाब नशा मुक्त बने, कोई किसान आत्महत्या न करे। वकील भी इसी क्रांति का हिस्सा बनेंगे।
केंद्र पर व्यंग्य करते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब में सरकार बनेगी तो एंटी करप्शन ब्रांच भी हमारी होगी और पुलिस भी। मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग अकाली दल, बादल, कांग्रेस और कैप्टन अमरिंदर सिंह से दुखी हो चुकेहैं। पिछले पंद्रह सालों में कोई अच्छा काम तो हुआ नहीं। दोनों ने पंजाब को लूट लिया है। पंजाब के लोग बदलाव चाहते हैं। एक नए पंजाब के निर्माण की दिशा में अहम भूमिका निभाएंगे।
कांग्रेस का हाल दिल्ली के जैसे होगा, जीरो सीटें आएंगी। अकाली दल को भी दस से कम सीटें मिलेंगी। बाकी सीटें आम आदमी पार्टी को मिलेंगी। अंत में केजरीवाल ने नए वकीलों को काउंसिल की मेंबरशिप के सर्टिफिकेट दिए। कार्यक्रम को आप के पंजाब प्रभारी संजय सिंह, बार काउंसिल के चेयरमैन रजत गौतम और काउंसिल के कई पदाधिकारियों ने भी संबोधित किया।