बरनाला रैली में आम आदमी पार्टी के कनवीनर अरविंदर केजरीवाल
- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली के मुख्यमंत्री व आम आदमी पार्टी के कनवीनर अरविंदर केजरीवाल ने कहा कि एसवाईएल नहर के मुद्दे पर वह समय आने पर एक साथ ही बोलेंगे। बार-बार सवाल किए जाने पर वह यही कहते रहे कि वह इस मुद्दे पर जरूर बोलेंगे लेकिन एक साथ। केजरीवाल बरनाला में आयोजित रैली को संबोधित करने पहुंचे थे।
बरनाला के गांव चीमा में महिलकलां के उम्मीदवार कुलवंत पंडोरी, भदौड़ के उम्मीदवार पिर्मल सिंह और बरनाला के उम्मीदवार गुरमीत सिंह मीत हेयर के पक्ष में मंगलवार को रैली का आयोजन किया गया। रैली को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने कहा कि अकाली-भाजपा व कांग्रेस ने पंजाब को लूटने के लिए आपस में बारी बांध रखी है। यह आपस में मिले हुए हैं।
केजरीवाल ने अकाली-भाजपा सरकार पर नशे के कारोबार का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने पंजाब की जवानी को बर्बाद कर दिया है। केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उन्होंने नोटबंदी कर देश की गरीब जनता का गला घोंट किया है। उन्होंने कहा कि काला धन तो बादलों और कैप्टन के पास है। केजरीवाल ने परनीत कौर और उनके बेटे रणइंदर सिंह के स्विस बैंकों के खाता नंबर जारी करते हुए कहा कि मोदी में हिम्मत हैं तो कैप्टन अमरिंदर और बादलों को पकडे़ं। गरीब लोगों को क्यों परेशान किया जा रहा है।
'काला धन कैप्टन और बादल के पास'
बठिंडा में अरविंद केजरीवाल की रैली
- फोटो : File Photo
अरविंदर केजरीवाल ने कहा कि कैप्टन नौजवानों को स्मार्ट फोन देने का लालच देकर उन्हें रिश्वत देने की कोशिश कर रहे हैं। वह नौजवानों को रोजगार देंगे जिससे वह अपने पैरों पर खड़े होकर अपने वेतन से सौ सौ स्मार्ट फोन खरीद सकेंगे। आप की सरकार बनने पर मजदूरों, मुलाजिमों, व्यापारियों और किसानों की हालत सुधारी जाएगी। प्राइवेट स्कूलों पर नकेल कसी जाएगी।
राज्य के हर अस्पताल में स्टाफ व डॉक्टर पूरे कर हर बीमारी का इलाज मुफ्त किया जाएगा। बरगाड़ी में गुरुग्रंथ साहिब की बेअदबी करने वाले आरोपियों को जेल में डाला जाएगा। बादलों की बसें छीनकर बेरोजगार नौजवानों को दे दी जाएंगी। रेत-बजरी के ठेके भी बेरोजगारों की दिए जाएंगे।
अंत में केजरीवाल ने कहा कि वह किसानों, मजदूरों को सहूलियतें देने के लिए स्रोत भ्रष्टाचार पर नकेल डाल कर पैदा कर लेंगें। पंजाब की खुशहाली के लिए उन्हें पीएम मोदी के पैर भी पकड़ने पड़े तो वह इससे भी नहीं हिचकिचाएंगे। इससे भी बात नहीं बनी तो वह केंद्र के खिलाफ मोर्चा खोलेंगे।