केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने चुनावी घोषणा पत्र को लीगल दस्तावेज बनाने के कार्य को असंभव करार दिया। उन्होंने कहा कि जो पार्टी या नेता चुनावी घोषणा पत्र के वादे पूरे न करे जनता को उसे हरा देना चाहिए लेकिन घोषणा पत्र को लीगल दस्तावेज नहीं बनाया जा सकता।
जालंधर में रविवार को प्रेसवार्ता के दौरान वित्तमंत्री ने कहा कि जब गठबंधन सरकार हो तो कार्यक्रम भी संयुक्त होते हैं। वह अपने मेनिफेस्टों में पंजाब के आर्थिक व सामाजिक विकास को ध्यान में रखते हुए संयुक्त कार्यक्रम लेकर ही आए हैं। उनकी पहल होगी कि पहले से गठबंधन सरकार की की ओर से शुरू किए गए कार्यों को आगे बढ़ाया जाए।
इसके बाद दूसरे राज्य की सामाजिक मजबूती के लिए कमजोर, गरीब, दलित व पिछड़े परिवारों के लिए ऐसी नीतियां तय की जाएं जिससे उन्हें आर्थिक तौर पर उन्नति मिले। जेटली ने कहा कि एक बार फिर से सत्ता में आने पर गठबंधन सरकार बनाएंगे और पंजाब के विकास की रफ्तार को तेज करेंगे।