अनुच्छेद 370 एवं 35ए को लेकर सदन में विश्वास प्रस्ताव के दौरान कांग्रेस पार्टी द्वारा विरोध जताए जाने के खिलाफ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस कार्यकर्ता विजेंद्र हुड्डा, हांसी से मनदीप मलिक, नियाणा से कृष्ण नंबरदार, पूर्व सरपंच राजेंद्र, रविंद्र मलिक, बरवाला से बलजीत वर्मा, प्रताप वर्मा, रामनिवास काटुआ आदि ने बुधवार को कांग्रेस भवन के समक्ष धरना शुरू कर दिया।
विजेंद्र ने कहा कि उन्हें हैरानी है कि जहां सारा देश जम्मू एवं कश्मीर से अनुच्छेद 370 एवं 35ए हटाए जाने पर मिठाइयां बांटकर खुशी का इजहार कर रहा है, वहीं कांग्रेस पार्टी इसका विरोध जता रही है। पार्टी के कई कार्यकर्ता इस बात से बेहद आहत हैं कि आखिर कांग्रेस ने क्या सोचकर विरोध जताया है, जबकि कई कांग्रेसी दिग्गज सरकार के इस फैसले के समर्थन में हैं।
उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर, सरदार वल्लभ भाई पटेल, लाल बहादुर शास्त्री एवं कांग्रेस के कई पूर्वजों ने एक सपना देखा था कि देश में एक संविधान एवं एक झंडा हो। इतनी मुद्दत के बाद यह सपना साकार हुआ है। 70 साल बीतने के बाद जब यह खुशी का पल आया तो कांग्रेस का यह रुख स्वतंत्रता की लड़ाई में अंग्रेजों का साथ देने वाला जैसा ही है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे धरने के माध्यम से जानना चाहते हैं कि पार्टी ने ऐसा क्यों किया।