आर्थोपेडिग इंप्लांट (घुटना व हिप) के रेट फिक्स करने में पीजीआई पूरे देश के अस्पतालों के लिए मॉडल बन गया है। देश में यह पहली बार है किसी अस्पताल ने आर्थोपेडिक्स इम्प्लांट के रेट तय किए हो। इससे पहले स्टंट के दाम तय करने में भी पीजीआई ने सबसे पहले पहल की थी।
पीजीआई में अब घुटना व हिप इंप्लांट अमृत फार्मेसी से मिलेंगे। मंगलवार को केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग के हेल्थ सेक्रेटरी सीके मिश्रा ने सस्ते रेट पर मिलने आर्थो इंप्लांट सुविधा का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि इससे मरीजों को काफी लाभ पहुंचेगा। इस मॉडल को देश को दूसरे अस्पतालों में भी लागू करेंगे।
25-30 प्रतिशत सस्ते हो गए इंप्लांट
अमृत फार्मेसी से इंप्लांट मिलने के बाद रेटों में करीब 25-30 प्रतिशत की गिरावट आई है। दरअसल मरीजों को पहले इंप्लांट डिस्ट्रीब्यूटर से मिलते थे। पीजीआई के डाक्टर सीधे डिस्ट्रीब्यूटर के पास भेजते थे। इससे डिस्ट्रीब्यूटर मनमाने रेट वसूलते थे। एक घुटना ट्रांसप्लांट में करीब सवा लाख से डेढ़ लाख रुपये का खर्च आता था। लेकिन अब डाक्टर मरीज को अमृत फार्मेसी भेजेंगे। वहीं से मरीज को खरीदना होगा।