चंडीगढ़। साइबर क्राइम पुलिस थाना ने धोखाधड़ी के दो मामलों में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह मामले लोन दिलवाने और कनाडा से फर्जी कॉलिंग से जुड़े हैं। पहला मामला बीते 29 अप्रैल को दर्ज हुआ था। इसमें सेक्टर-8 के कृष्ण चंद के साथ लगभग 60 लाख की ठगी हुई थी। वह मैक्स इंडिया लिमिटेड से जनरल मैनेजर सेवानिवृत्त हुए थे। वह मैक्स अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ के लिए हॉस्टल चलाते हैं। इसके विस्तार के लिए उन्हें 3.50 करोड़ के लोन की जरूरत थी। एक समाचार पत्र में बजाज फिनसर्व लिमिटेड के लोन संबंधी विज्ञापन को देख वह ठगी का शिकार हुए थे। इसमें 2 प्रतिशत पर लोन देने की बात कही गई थी। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए भिवानी के तरुण कुमार को गुरुग्राम से गिरफ्तार किया। उससे जानकारी जुटाकर गैंग के सदस्य हरदोई, उत्तर प्रदेश के अभिषेक पाल उर्फ दीपू को पकड़ा गया। आरोपी खुद को फाइनेंस कंपनी का कर्मचारी बताकर ठगी करते थे। वे पिछले 10 से 11 साल से यह इस प्रकार का अपराध कर रहे थे। तरुण को पहले भी गुरुग्राम पुलिस 115 लाख की धोखाधड़ी में पकड़ चुकी है। वह एक एप पर क्रिकेट में भी सट्टा लगाता था। उस पर 14 से 15 लाख रुपये का लोन चढ़ गया था। ऐसे में उसने अभिषेक के साथ मिल यह धोखाधड़ी शुरू की। इनसे पुलिस ने मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड, चेक बुक्स बरामद किए हैं। वहीं दूसरे मामले में पिछले वर्ष 29 नवंबर को धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश की धाराओं में केस दर्ज किया था। मामले में शिकायतकर्ता सेक्टर-37 निवासी योगेश के मुताबिक एक कॉलर ने उन्हें खुद को कनाडा का वकील जगमोहन सिंह बताया। उसने शिकायतकर्ता को कहा कि उसकी बहन और उसके पति की विदेशियों से लड़ाई हो गई और कनाडा पुलिस को 2.50 लाख रुपये देने होंगे तभी छूट पाएंगे। घबराहट में शिकायतकर्ता ने एक लाख रुपये दे दिए। बाद में पता चला कि ऐसी कोई लड़ाई नहीं हुई। दायर केस में जांच के दौरान पुलिस टीम भोपाल गई और 20 साल के विशाल वाल्मीकि को गिरफ्तार किया। पुलिस उससे पूछताछ में जुटी है।