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Chandigarh News: डिजीटल के लिए पंजाब के गोदामों से धान व गेहूं उठाने समेत तीन मुद्दों पर आढ़ती और राइस मिलर्स हुए सहमत

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धान-गेहूं के उठान पर लिखित आश्वासन पर बनी सहमति
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चंडीगढ़। पंजाब के गोदामों से 124 लाख मीट्रिक टन धान और गेहूं उठाने के लिखित आश्वासन समेत तीन मांगों पर सहमति के बाद आढ़ती और राइस मिलर्स खरीद के लिए तैयार हो गए हैं। उम्मीद है कि इस फैसले के बाद धान की खरीद और लिफ्टिंग शुरू हो जाएगी। तीनों अहम फैसले दिल्ली में बुधवार को आढ़तियों व राइस इंडस्ट्री एसोसिएशन की केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी के साथ हुई बैठक में लिए गए।

एसोसिएशन के प्रधान भारत भूषण बिंटा ने बताया कि केंद्र ने आढ़तियों और राइस मिलर्स को लिखित रूप में एक पत्र सौंपा है, जिसमें केंद्र ने तय समय सीमा के अंदर यह स्पष्ट कर दिया है कि वह पंजाब के गोदामों में पड़े 124 लाख मीट्रिक टन धान और गेहूं कब तक उठाकर केंद्रीय पूल में ले लेंगे।
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पंजाब के किसानों, आढ़तियों और राइस मिलर्स की यह सबसे बड़ी मांग थी, जिस पर केंद्र ने लिखित रूप में आश्वासन दिया है। एसोसिएशन के वरिष्ठ उपप्रधान इंदरजीत गर्ग ने बताया कि दूसरे बड़े फैसले में उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने पीआर-126 और हाइब्रिड धान की गुणवत्ता की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी है। इस कमेटी में मंत्रालय ने फूड काॅरपोरेशन ऑफ इंडिया (एफसीआई) पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के विशेषज्ञ, पंजाब सरकार का नुमाइंदा, आढ़ती और राइस मिलर्स एसोसिएशन के अलावा केंद्र के कृषि से जुड़े विशेषज्ञ शामिल होंगे, जोकि पंजाब की अलग-अलग मंडियों में पहुंच रहे धान के सैंपल लेंगे और इनकी गुणवत्ता की जांच करेंगे। आढ़तियों के 2.50 प्रतिशत कमीशन की मांग को लेकर हुई चर्चा में प्रतिनिधियों की ओर से दिए तर्क पर केंद्र ने तीन दिन का समय मांगा है। इस पर केंद्र अपना जवाब देगी। इन तीनों फैसलों पर केंद्रीय मंत्री प्रलहाद जोशी के साथ बुधवार को नई दिल्ली में आढ़तियों और पंजाब राइस मिलर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक में सहमति बनी। ब्यूरो
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अब आढ़ती और मिलर्स एसकेएम के साथ करेंगे बैठक

एसोसिएशन के पदाधिकारियों की मानें तो वह केंद्र के तीन मुद्दों पर हुई बातचीत पर सहमति बनने को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) और एसोसिएशन के अन्य लोगों के साथ बात करेंगे। अगर धान की खरीद, लिफ्टिंग और तय एमएसपी का किसानों का भुगतान सुनिश्चित होता है तो इस पर जल्द ही कोई बीच का रास्ता निकलेगा।
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