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अस्ताचलगामी सूर्य को आज देंगे अर्घ्य, दुल्हन की तरह सजा न्यू लेक

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छठ पूजा के लिए सेक्टर-42 की लेक लाइट्स के साथ जगमग हुई। - फोटो : CHANDIGARH
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चंडीगढ़। सूर्य उपासना का महापर्व रविवार को है। न्यू लेक दूल्हन की तरह सजकर व्रतियों के स्वागत के लिए तैयार है। रविवार को अस्ताचलगामी सूर्य और सोमवार को उगते सूर्य केेे अर्घ्य प्रदान कर महापर्व का समापन होगा। शनिवार को सेक्टर- 26 के सब्जी मंडी में छठ पूजा सामग्री खरीदने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने पूजा का सामान सूप, दौरा, धूप बत्ती व विभिन्न प्रकार के फलों की खरीदारी की।
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न्यू लेक को जगमग रोशनी से सजा दिया गया है। लेक में पर्याप्त पानी भरा गया है। रविवार को व्रती अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य प्रदान करेंगे। पूर्वांचल वेलफेयर एसोसिएशन और बिहार परिषद व अन्य स्वयंसेवी संगठनों की ओर से पंडाल सजाकर व्रतियों का स्वागत होगा। बिहार परिषद के अध्यक्ष उमाशंकर पांडेय और संगठन मंत्री सत्यम ओझा ने बताया कि छठ पूजा से पहले न्यू लेक की पूजा होगी। सुबह गौरी गणेश और भगवान भास्कर की पूजा के बाद शाम में आदित्य हृदय स्त्रोत का पाठ होगा। अगले दिन दूध और फल का प्रसाद वितरण होगा।
पूर्वांचल वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष डीके सिंह और संयुक्त सचिव सुनील गुप्ता ने बताया कि हजारों व्रती न्यू लेक पर आएंगे। सभी तैयारियां कर ली गई हैं। न्यू लेक को आकर्षक तरीके से दूल्हन की तरह सजाया गया है। एसोसिएशन के वालंटियर को सभी जरूरी निर्देश दिए गए हैं। सुबह लेक की पूजा होगी। उसमें गंगाजल डालकर शुद्ध किया जाएगा। मलोया, रायपुरखुर्द, दड़वा, हल्लोमाजरा, रामदरबार, बहलाना सेक्टर 47 सहित शहर के अन्य भागों में कृत्रिम सरोवरों में व्रती भगवान सूर्य को अर्घ्य प्रदान करेंगे।
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छठ पर बन रहा है रवि और चतुग्रही योग
सेक्टर 30 के भृगु ज्योतिष केंद्र के प्रमुख पंडित बीरेंद्र नारायण मिश्र ने कहा कि सूर्य उपासना का महापर्व छठ पर इस वर्ष बेहतरीन संयोग बन रहा है। इस बार 50 वर्षों के बाद महापर्व छठ पर रवि और चतुर्ग्रही योग बन रहा है। इसी योग में व्रती सूर्य को अर्घ्य प्रदान करेंगे। महापर्व छठ रविवार को है। इस दिन रवि योग पड़ रहा है। रवि योग का शुभारंभ रविवार की सुबह सात बजकर 25 मिनट से शुरू होगा ओर सोमवार की सुबह पांच बजकर 47 मिनट तक रहेगा। छठ व्रती रविवार को अस्ताचलगामी और सोमवार को उगते सूर्य को अर्घ्य प्रदान करेंगे। इसे जयंती योग भी कहा जाता है। इसमें सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। देवालय पूजक परिषद के अध्यक्ष और सेक्टर-18 के श्री राधा कृष्ण मंदिर के पुजारी डॉ लाल बहादुर दुबे ने बताया कि सूर्य ग्रहों का राजा है। दिन रविवार है। सूर्य का व्रत है। सूर्य राज पक्ष और पिता का कारक है। इस व्रत को करने वालों को राज पक्ष में पदोन्नति, विजयी और देश के राजा के द्वारा देश की उन्नति में कार्य करने के संकेत हैं। सेक्टर-32 के प्राचीन श्री हनुमान मंदिर के पुजारी अभय चंद्र झा ने बताया कि इस प्रकार के संयोग से आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। साथ चर्म रोग की समस्या दूर होगी।
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