चंडीगढ़। भारत में फ्रांस के राजदूत थियरी माथू ने शुक्रवार को दिल्ली स्थित फ्रांस के राजनिवास में प्रख्यात आर्किटेक्ट शिवदत्त शर्मा को शेवेलियर डी एल ऑर्द्रे डेस आर्ट्स एट डेस लेट्रेस (नाइट ऑफ द ऑर्डर ऑफ आर्ट्स एंड लेटर्स) की उपाधि प्रदान की। यह प्रतिष्ठित फ्रांसिसी सम्मान उन्हें आधुनिक आर्किटेक्टचर में उनके असाधारण योगदान, स्विस-फ्रेंच आर्किटेक्ट ले कारबूजिए की विरासत के प्रति उनके जीवनभर के समर्पण, और भारत-फ्रांस के बीच सांस्कृतिक संवाद को मजबूत करने में उनकी भूमिका के लिए दिया गया।
आर्किटेक्ट शिवदत्त शर्मा ली कारबूजिए और पियेरे जेनेरे की टीम का हिस्सा बने और 20वीं सदी की सबसे महत्वाकांक्षी शहरी परियोजनाओं में से एक में योगदान दिया। आर्किटेक्ट की सराहना करते हुए राजदूत थियरी माथू ने कहा कि शिवदत्त शर्मा का सम्मान करते हुए खुशी हो रही है।
शिवदत्त शर्मा मूल चंडीगढ़ कैपिटल प्रोजेक्ट टीम का हिस्सा थे। उन्होंने ली कारबूजिए की कई प्रमुख परियोजनाओं जिसमें गवर्नमेंट म्यूजियम ऐंड आर्ट गैलरी तथा म्यूजियम ऑफ एवोल्यूशन ऑफ लाइफ को पूरा करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने भारतीय परिस्थितियों पर आधारित एक विशिष्ट आर्किटेक्चरल-लैंग्वेज विकसित की। इसरो में उनके चीफ आर्किटेक्ट कार्यकाल ने सिद्ध किया कि वे जटिल अनुसंधान परिसरों को स्थानीय जलवायु के अनुरूप और स्थानीय संसाधनों से तैयार करने की क्षमता रखते हैं।