पंजाब के जो बच्चे अभी दसवीं कक्षा की पढ़ाई कर रहे हैं और भारतीय सेना में अफसर बनकर देश की सेवा करना चाहते हैं। उनका यह सपना जल्दी ही हकीकत में बदल सकता है। मोहाली के सेक्टर-77 महाराजा रणजीत सिंह आर्म्ड फोर्सेस प्रिपेटरी इंस्टीट्यूट (एएफपीआई) में दाखिले के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई।
दाखिला प्रक्रिया के लिए ऑन लाइन आवेदन पांच जनवरी तक कर होंगे। इसके बाद 17 जनवरी को संस्थान में प्रवेश परीक्षा होगी। इस दौरान मेरिट के आधार पर विभिन्न चरणों से गुजरने वाली प्रक्रिया के बाद 48 छात्रों का चयन किया जाएगा जिन्हें दो साल एनडीए की ट्रेनिंग दी जाएगी। साथ ही शहर के नामी कान्वेंट स्कूलों से पढ़ाई होगी।
ऐसे कर सकते हैं संस्थान से संपर्क
जो युवा संस्थान में दाखिल होना चाहते हैं। उन्हें संस्थान की वेबसाइट के होम पेज www.afpipunjab.org पर लॉगिन करना होगा। वहां पर प्रवेश प्रक्रिया संबंधी सारी जानकारी है। इसके अलावा http//recuritmentportal.in पर लॉगिन किया जा सकता है। संस्थान के मोबइल 9041006305 या 01602258705 पर सुबह नौ बजे से पांच बजे तक संपर्क किया जा सकता है।
जय जवान जय किसान के नारे को सार्थक करने वाले पंजाब की इस शताब्दी की शुरुआत में सेना में भागीदारी न के बराबर रह गई थी। राज्य में अकाली-भाजपा की सरकार थी। तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने इसे गंभीरता से लिया और महाराज रणजीत सिंह आर्म्ड फोर्सेस प्रिपेटरी इंस्टीट्यूट (एएफपीआई) का निर्माण करवाया। इस संस्थान की कमान उन्होंने रिटायर्ड मेजर जनरल जीएस ग्रेवाल को सौंपी। ग्रेवाल ने इस इंस्टीट्यूट के जरिए सेना में पंजाब की शान लौटाने का काम किया।
रिटायर्ड मेजर जनरल जीएस ग्रेवाल आज भी संस्थान के डायरेक्टर हैं। उनके प्रयास से अब तक 154 से अधिक युवा सेना के विभिन्न अंगों में अफसर के रूप में ज्वाइन कर चुके हैं। मोहाली के सेक्टर-77 स्थित संस्थान को सेना की अकादमी का रंग दिया गया है। संस्थान के एंट्री पर मिग-21 जहां युवाओ के सपनों को उड़ान देता है। वहीं सेना का टैंकर युवाओं के अंदर जोश भर देता है। संस्थान में छात्रों को सभी हाईटेक सुविधाएं दी जाती हैं।