शहर में सीनियर पदों पर भर्ती करने के लिए राज्यों की तर्ज पर बोर्ड का गठन करने की मांग को लेकर जिला अदालत में अर्जी दाखिल की गई है।
सिविल जज सीनियर डिवीजन एके जैन की अदालत ने सुनवाई की अगली तारीख 28 मार्च तय की है। इसके साथ ही केंद्र सरकार के गृह सचिव, चंडीगढ़ प्रशासन के सलाहकार केके शर्मा, गृह सचिव, वित्त सचिव और पुलिस विभाग के आईजी को जबाव देने के लिए नोटिस जारी किया गया है।
वकील अरविंद ठाकुर ने दायर अर्जी में कहा है कि पंजाब व हरियाणा के युवाओं की तरह शहर के युवाओं को भी नौकरी में प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि पंजाब व हरियाणा से हर तीन साल बाद अधिकारी डेपुटेशन में आते हैं, लेकिन वह शहर के हित को देखते हुए निर्णय नहीं लेते हैं।
अर्जी में कहा कि दूसरे राज्यों से आए अधिकारियों की कोई जबावदेही नहीं होती है, इसलिए शहर का अपना यूटी कैडर होना चाहिए।
सीनियर अधिकारियों की भर्ती के लिए स्टाफ सलेक्शन कमीशन का गठन किया जाना चाहिए। जब तक शहर के अधिकारियों की लोगों के प्रति जवाबदेही तय नहीं होगी, तब तक यहां के लोगों की समस्याएं दूर नहीं हो सकती हैं।
रेजिडेंट्स भी कर रहे हैं अपने कैडर की मांग
फासवेक और शहर की रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन भी प्रशासन से अपना कैडर का गठन करने की मांग कर चुके हैं। फासवेक अध्यक्ष पीसी सांघी का कहना है कि डीएसपी और इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारियों का तबादला भी दूसरे राज्यों में होना चाहिए।
सांघी का कहना है कि पंजाब व हरियाणा से आए अधिकारी अपने मूल राज्य को ध्यान में रखते हुए शहर के लिए निर्णय लेते हैं।