आधार कार्ड का डाटा 500 रुपये में लीक होने और 300 रुपये और देकर उसकी प्रिंटिंग का अधिकार मिलने से जुड़े समाचार को आधार बनाते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई है। याचिका के माध्यम से इस पूरे मामले की जांच किसी निष्पक्ष एजेंसी से करवाने की अपील की गई है।
याचिका में कहा गया है कि आधार कार्ड का डाटा लीक होना एक गंभीर विषय हैं क्योंकि इसमें हर व्यक्ति की व्यक्तिगत जानकारी उपलब्ध है। ऐसे में इस प्रकार डाटा लीक होना लोगों की निजता का हनन तो है ही साथ ही यह राष्ट्रीय सुरक्षा केलिए भी बड़ा खतरा है। याचिका में एक अखबार में छपे समाचार का हवाला देकर बताया गया कि आपका आधार नंबर सेफ नहीं है।
इस समाचार में दावा किया गया है महज 500 रुपये में 10 मिनट के भीतर एक एजेंट ने अखबार के रिपोर्टर को एक अरब से अधिक लोगों की आधार कार्ड की एक्सेस दे दी। इसके लिए एजेंट ने उन्हें एक गेटवे दिया जिसपर लॉग इन आईडी और पासवर्ड के माध्यम से एंट्री कर किसी की भी पर्सनल जानकारी आधार कार्ड के माध्यम से देखी जा सकती है। पर्सनल जानकारी में नाम, पता, पोस्टल कोड, फोटो, नंबर, ई-मेल आदि देखा जा सकता है।
याचिका के अनुसार यह राष्ट्रीय सुरक्षा में बड़ी चूक है। याचिका के अनुसार इस समाचार के बाद यूआईडीएआई ने समाचार पत्र के रिपोर्टर के खिलाफ मामला दर्ज करवा दिया। याचिका में इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की गई है। हाईकोर्ट इस याचिका पर बुधवार को सुनवाई करेगा।