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Chandigarh News: छात्रवृत्ति घोटाले में पूर्व डिप्टी डायरेक्टर की अग्रिम जमानत खारिज

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पंचकूला। अनुसूचित जाति के छात्रों के कल्याण के लिए चलाई जा रही पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना में कथित करोड़ों रुपये के घोटाले के मामले में हरियाणा उच्च शिक्षा विभाग के पूर्व डिप्टी डायरेक्टर (स्कॉलरशिप) कुलदीप सिंह को कोई राहत नहीं मिली है। पंचकूला की अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने गंभीर आर्थिक अपराध और भ्रष्टाचार के आरोपों को देखते हुए उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
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यह मामला थाना सेक्टर-5 पंचकूला में 18 अगस्त 2018 को दर्ज एफआईआर से जुड़ा है, जिसकी जांच वर्तमान में एंटी करप्शन ब्यूरो की ओर से की जा रही है। आरोप है कि कुलदीप सिंह वर्ष 2017 से अक्टूबर 2018 तक उच्च शिक्षा विभाग में डिप्टी डायरेक्टर (स्कॉलरशिप) के पद पर तैनात थे और इसी दौरान उन्होंने एमबीए पाठ्यक्रम के 53 अनुसूचित जाति के छात्रों के फर्जी अवॉर्ड रोल और दस्तावेजों को सत्यापित कर स्वीकृति दी। इन दस्तावेजों के आधार पर सरकारी छात्रवृत्ति राशि जारी की गई, जिससे राज्य सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ।
जांच में यह भी सामने आया है कि पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना के तहत कुल 698 छात्रों के नाम पर फर्जी अवॉर्ड रोल तैयार किए गए, जिनके माध्यम से करीब 1.97 करोड़ रुपये विभिन्न कॉलेजों के खातों में भेजे गए। आरोप है कि बाद में यह राशि निजी लाभ के लिए गबन कर ली गई।
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अदालत को बताया गया कि आरोपी ने जांच में सहयोग नहीं किया। एंटी करप्शन ब्यूरो द्वारा 19 दिसंबर 2025 और 1 जनवरी 2026 को नोटिस जारी किए जाने के बावजूद वह जांच में शामिल नहीं हुआ। अदालत ने इसे कानून से बचने का प्रयास मानते हुए गंभीर माना। कोर्ट ने कहा कि यह मामला केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि सुनियोजित साजिश का प्रतीत होता है। ऐसे में अग्रिम जमानत देने से जांच प्रभावित हो सकती है।
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