भ्रष्टाचार के मामले में भूमिगत चल रहे वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विजय दहिया की तलाश में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) पिछले तीन माह से खाक छान रही है। इधर एसीबी को चकमा देते हुए विजय दहिया ने गुपचुप तरीके से प्रदेश के एक सरकारी अस्पताल में अपना चेकअप करा लिया। दहिया ने मुख्य सचिव को लिखे पत्र में जानकारी दी है कि उन्होंने सरकारी अस्पताल में चेकअप करा लिया है। हालांकि, अभी तक मुख्य सचिव कार्यालय को उनका मेडिकल प्रमाण पत्र नहीं मिला है, जिसके आधार पर छुट्टी आगे बढ़ाई जानी है।
इससे पहले विजय दहिया ने खुद को बीमार बताते हुए छुट्टी मांगी थी। दहिया ने एक निजी अस्पताल से अपना इलाज चलने को लेकर मेडिकल प्रमाण पत्र सरकार को भेजा था। इस आधार पर सरकार ने दो बार दो सप्ताह तक उनकी छुट्टी भी मंजूर कर दी थी। बाद में नोटिस दिए जाने के बाद भी दहिया ने ड्यूटी ज्वाइन नहीं की।
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इस पर पिछले सप्ताह ही सरकार ने दहिया के घर पर नोटिस भेजकर कहा था कि प्रदेश के किसी सरकारी या सरकार के पैनल में शामिल किसी अस्पताल में परीक्षण कराकर अपना मेडिकल प्रमाण पत्र भेजें या फिर ड्यूटी ज्वाइन करें। नोटिस मिलने के बाद पिछले सप्ताह ही दहिया ने प्रदेश के एक सरकारी अस्पताल में चेकअप करा लिया है। विशवस्त सूत्रों का दावा है कि जल्द ही दहिया का नया मेडिकल प्रमाणपत्र आ सकता है।
दहिया की गिरफ्तारी एसीबी के लिए बनी चुनौती
पिछले तीन माह में एसीबी के लिए दहिया की गिरफ्तारी चुनौती बनी हुई है। टीमें कई बार अलग-अलग जगहों पर दबिश दे चुकी हैं, लेकिन दहिया एसीबी के हत्थे नहीं चढ़ रहे हैं। दहिया के घर पर भी छापेमारी की गई थी, लेकिन वहां पर वे नहीं मिले।
दहिया की पत्नी ने भी दी शिकायत
पिछले दिनों दहिया के आवास पर एसीबी की छापेमारी के मामले में दहिया की पत्नी ने मुख्य सचिव को पत्र लिखा है। उनका आरोप है कि एसीबी की टीम के सदस्यों ने उनका मोबाइल छीना और उनकी निजी व्हाट्सएप चैट देखी। दहिया की पत्नी का ये भी आरोप है कि छापेमारी के दौरान एसीबी की टीम में कोई महिला नहीं थी।