चंडीगढ़। बठिंडा के कारोबारी से 1.01 करोड़ की जबरन वसूली में आरोपी बर्खास्त एसआई नवीन फोगाट को तीन दिन के रिमांड के दौरान थर्ड डिग्री देने के मामले में जिला अदालत ने शनिवार को जांच अधिकारी को नोटिस जारी किया है। वकील मंदीप कुमार ने बताया कि अदालती आदेशों के बावजूद पुलिस ने फोगाट का सेक्टर-32 के मेडिकल बोर्ड से संपूर्ण स्वास्थ्य जांच नहीं करवाई। इसे लेकर पुलिस के खिलाफ अवमानना अर्जी दायर की गई है। इस मामले में 4 दिसंबर को पुलिस से जवाब मांगा गया है।
यह अर्जी बीते शुक्रवार को दायर की गई थी। फोगाट का आरोप है कि अदालती आदेशों के बावजूद पुलिस ने उसकी संपूर्ण स्वास्थ्य जांच नहीं करवाई। फोगाट ने 24 नवंबर को अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया था। वह तीन दिन पुलिस रिमांड में रहा था। इस दौरान उसने पुलिस पर थर्ड डिग्री देने के आरोप लगाए थे। उसके आरोपों की जांच के लिए अदालत ने फोगाट के पूरी स्वास्थ्य जांच के लिए जीएमसीएच-32 के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट को डॉक्टरों का बोर्ड बनाने के निर्देश दिए थे और 28 नवंबर तक इलाका मजिस्ट्रेट के समक्ष रिपोर्ट पेश करने को कहा था। जांच अधिकारी एसआई प्रेम सिंह को यह पत्र मेडिकल सुपरिंटेंडेंट को देने को कहा था। उधर, पुलिस ने अभी तक सेक्टर 32 से उसका स्वास्थ्य परीक्षण नहीं करवाया। 1.01 करोड़ की वसूली में नवीन फोगाट व अन्य आरोपियों के खिलाफ 6 अगस्त काे आईपीसी की धारा 365, 386, 420, 506, 120बी, 364ए और 389 के तहत केस दर्ज किया था। उस वक्त फोगाट फरार हो गया था और उसे नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया था।
अदालत के समक्ष ये आरोप लगाए थे
फोगाट ने कहा था कि डीएसपी चरणजीत सिंह व कुछ अन्य पुलिसकर्मियों ने थर्ड डिग्री दी। उसके शरीर पर कई चोटें आईं। बांई आंख के पास और घुटने की चोट आसानी से दिखाई दे रही है। वह ठीक से खड़ा भी नहीं हो पा रहा। उसकी हालत खराब हो रही है। यही नहीं, रिमांड के दौरान उचित चिकित्सा सुविधा भी नहीं मिली। शुरू में सेक्टर 16 अस्पताल में मेडिकल बोर्ड गठित कर स्वास्थ्य जांच की मांग की गई थी। इसके बाद 27 नवंबर को यह जांच हुई थी। इसमें शरीर पर चार जगह चोटों के निशान के बारे में कहा गया था। इनमें से तीन चोटों को लेकर अंतिम राय के लिए सुरक्षित रखा गया था। बाद में कहा गया कि ये चोंटे दो से चार दिन पुरानी हैं और किसी हथियार से यह चोट पहुंचाई गई थी।