चंडीगढ़। मोहाली फेज-3 स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के स्थान पर लीवर को समर्पित अस्पताल बनना है। इसके लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के भवन पर कब्जे के बावजूद वैकल्पिक स्थान पर सीएचसी स्थापित करने की दिशा में कोई कदम न उठाने पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब के स्वास्थ्य सचिव को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।याचिका दाखिल करते हुए मोहाली के डिप्टी मेयर कुलजीत सिंह बेदी ने हाईकोर्ट को बताया कि पंजाब सरकार ने फेज-3 में मौजूद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को बंद करने का फैसला लिया है। इस फैसले के चलते स्थानीय लोगों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। ऐसे में पंजाब सरकार के इस निर्णय को रद्द करने का आदेश दिया जाए।
याचिका का विरोध करते हुए पंजाब सरकार की ओर से बताया गया था कि पंजाब सरकार ने व्यापक जनहित में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की जमीन पर लीवर को समर्पित अस्पताल खोलने का निर्णय लिया गया है। इस अस्पताल से बहुत से लोगों को लाभ मिलेगा। साथ ही यह भी बताया गया कि याची द्वारा सौंपे गए मांगपत्र पर निर्णय लेकर उसे इसका जवाब भेज दिया गया है। जहां तक बात सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की है तो पंजाब सरकार इसके लिए वैकल्पिक स्थान की व्यवस्था कर रही है।
पंजाब सरकार द्वारा दी गई इस जानकारी के बाद हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा कर दिया था। अब इस मामले में अर्जी दाखिल करते हुए बताया गया कि लीवर अस्पताल के लिए इमारत पर कब्जा ले लिया गया है, लेकिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्थापित करने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया है। हाईकोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अब पंजाब के स्वास्थ्य सचिव को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।