प्रदेश में कर्ज के बोझ तले दबे किसानों की तरफ से आत्महत्याएं करने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। जिसके चलते मंगलवार को गांव घराचों में धरने में शामिल एक किसान ने जहर निगलकर खुदकुशी कर ली। किसान के सिर पर पांच लाख रुपये का कर्ज था और बैंक द्वारा उसके घर की कुर्की करने के लिए 15 सितंबर का नोटिस जारी किया हुआ था।
जानकारी के मुताबिक धरने में शामिल गांव सारों का 55 वर्षीय किसान दर्शन सिंह महज तीन बीघा जमीन का मालिक था और उसके सिर पर पांच लाख रुपये का कर्ज था जिसे न लौटा पाने की सूरत में बैंक ने 15 सितंबर को उसके घर की कुर्की करने का नोटिस जारी किया हुआ था। जिससे किसान दर्शन सिंह काफी परेशान चल रहा था और गांव घराचों में किसान जत्थेबंदियों द्वारा दिए जा रहे धरने में उसने जहर निगल लिया। उसे तुरंत किसान नेताओं ने संगरूर के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डाक्टरों ने उसे मृतक घोषित कर दिया।
भारतीय किसान यूनियन उग्राहां के नेता दिलबाग सिंह हरिगढ़ ने सरकार से मांग की कि मृतक दर्शन सिंह के परिवार को दस लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार पीडित परिवार को राहत देने का ऐलान नहीं करती मृतक किसान का संस्कार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानी मांगों को लेकर उनका संघर्ष हर हाल में जारी रहेगा।