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बड़ा खुलासाः हरियाणा में स्कूलों की हालत, तीसरी क्लास के बच्चे नहीं पढ़ पाते दूसरी का पाठ

Wed, 16 Jan 2019 09:19 AM IST
खुशबू गोयल यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
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सांकेतिक तस्वीर
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हरियाणा की स्कूली शिक्षा की पोल 13वीं एनुअल स्टेट्स ऑफ एजुकेशन रिपोर्ट (असर 2018) ने खोलकर रख दी है। रिपोर्ट में निजी और सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था की अनेक खामियों का प्रमुखता से खुलासा किया गया है। हरियाणा के निजी स्कूलों के तीसरी कक्षा के 56.1 फीसदी बच्चों को दूसरी कक्षा का पाठ पढ़ना नहीं आता, जबकि 2014 में निजी स्कूलों के 61.5 प्रतिशत बच्चे दूसरी का पाठ पढ़ने में सक्षम थे।

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 यानि बच्चों के पढ़ने का स्तर पांच फीसदी गिरा है। सरकारी स्कूलों के भी तीसरी क्लास के साढ़े 66 फीसदी बच्चे दूसरी कक्षा का पाठ नहीं पढ़ पाते। हालांकि, पिछले सालों की तुलना सरकारी स्कूलों के बच्चों के पढ़ने के स्तर में सुधार हो रहा है। 2014 में कक्षा तीन के 21.7 प्रतिशत बच्चे ही दूसरी का पाठ पढ़ पाते थे, 2016 में यह प्रतिशत बढ़कर 25.1 हुआ और 2018 में 33.5 जा पहुंचा है। 

वहीं, अगर कक्षा आठ में पंजीकृत छात्रों के रिपोर्ट में मौजूद आंकड़ों पर नजर डालें तो 81.2 प्रतिशत बच्चे कक्षा दूसरी का पाठ पढ़ लेते हैं। पांचवीं कक्षा के बच्चों की बात करें तो 2018 के अध्ययन अनुसार 69.1 प्रतिशत बच्चे दूसरी कक्षा का पाढ़ पढ़ने में सक्षम हैं। 2016 में यह आंकड़ा 68.1 फीसदी था।

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घटाना के सवालों को हल करने वाले बच्चे हुए कम

हरियाणा में घटाना के सवालों को हल कर पाने वाले तीसरी कक्षा के छात्रों में कमी दर्ज की गई है। 2016 में जहां 54.8 प्रतिशत बच्चे गणित के घटाना के सवालों को हल कर लेते थे, वहीं 2018 में इनका प्रतिशत कम होकर 53.7 रह गया है। ये संख्या निजी और सरकारी दोनों स्कूलों के बच्चों की है। सरकारी स्कूलों के बच्चों ने गणित के घटाना के सवाल हल करने के प्रतिशत में कुछ इजाफा किया है।

 2016 में सरकारी स्कूलों के 27.7 प्रतिशत बच्चे घटाना के सवाल हल करते थे, जबकि 2018 में 31.6 फीसदी करने लगे हैं। हालांकि, आठवीं कक्षा के उन बच्चों की संख्या कम हुई है, जो तीन अंकों में एक अंक के भाग के सवाल को हल कर लेते थे। 2016 में यह आंकड़ा 65.3 प्रतिशत था, जो 2018 में कम होकर 63.2 फीसदी रह गया है।

असर केंद्र के राज्य समन्वयक शिक्षा सचिव को सौंपेंगे रिपोर्ट
असर-2018 की रिपोर्ट बुधवार को स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके दास को सौंपी जाएगी। असर सेंटर हरियाणा के राज्य समन्वयक कमल तिवारी और संदीप शर्मा ने यह रिपोर्ट निजी और सरकारी स्कूलों में जाकर तैयार की है। जिसे वे दास को सुपुर्द करेंगे। 
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