डॉ. आदित्य और अंकिता पंवार ने यूपीएससी परीक्षा में पाई सफलता।
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संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में चंडीगढ़-पंजाब के युवाओं का प्रदर्शन भी बेहतर रहा है। चंडीगढ़ के सेक्टर सात की अंकिता पंवार ने चौथे प्रयास में 28वीं रैंक हासिल की है। उनकी स्कूली शिक्षा चंडीगढ़ के सेक्टर-19 के गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल से हुई है। वह 2013 की सीबीएसई कक्षा 12 की परीक्षा में 97.6 प्रतिशत अंकों के साथ चंडीगढ़ टॉपर भी रही हैं। इसके बाद उन्होंने आईआईटी रुड़की को ज्वाइन किया।
बाद में दो साल तक बंगलूरू के एक फर्म में काम किया। इसके बाद सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी पर ध्यान केंद्रित करने के लिए अक्तूबर 2019 में नौकरी छोड़ दी। वहीं, मोहाली जिले के जीरकपुर के डॉ. आदित्य ने 70वां स्थान हासिल किया। डॉ. आदित्य ने पहले प्रयास में सफलता हासिल की।
अंकिता की दानिक्स काडर के तहत ट्रेनिंग चल रही है। उन्होंने वर्ष 2020 में दूसरे प्रयास में 321वीं रैंक हासिल की थी। वहीं, डॉ. आदित्य ने जीएमएसएच-32 से एमबीबीएस की पढ़ाई की है और कोविड में सेवाएं भी दीं हैं। संगरूर के लहरागागा के रोबिन बंसल ने 135वां रैंक हासिल कर इलाके का मान बढ़ाया है। इससे पहले रोबिन बंसल की छोटी बहन एलिजा बंसल ने भी मेडिकल परीक्षा में देशभर में पहला स्थान हासिल किया था।
रोबिन को चौथे प्रयास में यह सफलता मिली। रोबिन आईपीएस अधिकारी बनकर पुलिस सिस्टम में सुधार लाना चाहते हैं। वहीं, जालंधर की रुशाली कलेर ने 492 रैंक हासिल किया है। रुशाली ने बताया कि वह पिछले दो वर्षों से यूपीएससी की तैयारी में जुटी थीं। रुशाली की मां बबीता कलेर आईएएस अधिकारी हैं।
रुशाली कहती हैं कि वह बचपन से ही मां की तरह आईएएस अधिकारी बनना चाहती थीं। रुशाली कभी कोचिंग क्लास नहीं गई और घर पर ही पढ़ाई की। जब साक्षात्कार की बारी आई तो मां ने उन्हें पर्सनलिटी टेस्ट के लिए तैयार किया। उनके पिता स्टीफन कलेर राजनेता व उद्योगपति हैं।