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MBBS बॉन्ड पॉलिसी: सरकार जल्द जारी करने वाली थी संशोधन की अधिसूचना, विज ने लिखा- एक साल तक टालें

Sat, 03 Dec 2022 01:45 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

वर्तमान में धरने पर केवल एमबीबीएस के विद्यार्थी बैठे हैं। एमबीबीएस विद्यार्थियों की अगुवाई करने वाले पंकज बिट्टू का कहना है कि जब पॉलिसी वापस नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगी। संशोधित पॉलिसी से वह सहमत नहीं हैं।
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अनिल विज - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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हरियाणा में एमबीबीएस बॉन्ड पॉलिसी लागू करने को लेकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल के कमर कसने के साथ ही स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने उन्हें पत्र लिख दिया है कि यह मामला एक साल तक टाला जाए। इसके बाद इस मसले पर फैसला करें। तब तक एमबीबीएस विद्यार्थियों को भी समझ में आ जाएगा। विज के इस पत्र के बाद सीएमओ में हलचल होनी लाजमी है, क्योंकि सरकार इस मामले में अधिसूचना जारी करने वाली है।

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बीते कल मुख्यमंत्री के बयान के बाद एमबीबीएस रेजिडेंट डॉक्टरों ने हड़ताल से किनारा कर लिया है। अब सिर्फ एमबीबीएस विद्यार्थी ही हड़ताल पर हैं। अनिल विज ने हवाला दिया कि मरीज और डॉक्टर दोनों ही परेशान हैं। कुल मिलाकर अब गेंद मुख्यमंत्री के पाले में है, अंतिम निर्णय उनका होगा। 

पिछले एक माह से एमबीबीएस विद्यार्थी बॉन्ड पॉलिसी को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। आंदोलन को देखते हुए पहले सीएमओ कार्यालय के उच्च अधिकारियों ने विद्यार्थियों से दो दौर की बैठक की। गुरुवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल के साथ अंतिम दौर की बैठक हुई थी। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों की मांग पर पॉलिसी में कई अहम संशोधन किए और साफ कर दिया कि सरकार इससे अधिक कुछ नहीं करेंगे।
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वर्ष 2020 में भी पॉलिसी पर जताया था ऐतराज
बॉन्ड पॉलिसी को लेकर अनिल विज पहले से ही असहमत हैं। वर्ष 2020 में जब बॉन्ड पॉलिसी बनाई गई थी तो उस समय भी अनिल विज ने फाइल पर लिखकर इसे नकार दिया था। उन्होंने लिखा था कि बॉन्ड पॉलिसी से बच्चों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा, इससे मैरिट वाले बच्चे हरियाणा में नहीं आएंगे। इससे सीटें खाली रह जाएंगी।

यह है वर्तमान स्थिति
वर्तमान में धरने पर केवल एमबीबीएस के विद्यार्थी बैठे हैं। एमबीबीएस विद्यार्थियों की अगुवाई करने वाले पंकज बिट्टू का कहना है कि जब पॉलिसी वापस नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगी। संशोधित पॉलिसी से वह सहमत नहीं हैं।

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