बंगाल की नेता नुसरत जहां द्वारा यह कहने पर कि प्यार का मामला दो लोगों के बीच का व्यक्तिगत मामला है, इसमें संविधान और सरकार कहां से आ गया। इस पर टिप्पणी करते हुए गृहमंत्री अनिल विज ने कहा कि प्यार का मामला बिल्कुल व्यक्तिगत मामला है। हालांकि अगर यह किसी साजिश के तहत किया जा रहा है तो यह व्यक्तिगत कैसे हो सकता है, लव में जिहाद कहां से आ गया। उन्होंने कहा कि प्यार तो प्यार है और अगर प्यार जबरदस्ती या प्रलोभन में किया जा रहा है तो प्यार में जबरदस्ती और प्रलोभन का कोई स्थान नहीं है। यदि प्यार करने की मंशा ये है कि धर्म परिवर्तन कराया जाए तो फिर तो यह अपराध है।
सभी प्रदेशों से कानून की प्रतियां मंगवाईं
विज ने कहा कि इस मामले में बाकी प्रदेशों में बने कानूनों का भी अध्ययन किया जा रहा है और सब कुछ सोच विचार कर एक मजबूत कानून लाएंगे। इसके लिए गृहमंत्री ने कुछ दिन पहले एक अधिकारिक मीटिंग बुलाई थी और सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्रदेश जहां पर यह कानून बन रहा है, वहां से प्रतियां मंगवाएं। उसका अध्ययन करें और उन सभी कानूनों का अध्ययन करने के बाद एक मजबूत कानून हरियाणा के लिए बनाया जाएगा।
तीन सदस्यीय समिति गठित
मंत्री अनिल विज ने राज्य में जबरन धर्मांतरण के खिलाफ बनने वाले कानून का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की है।ड्राफ्टिंग समिति में आईएएस टीएल सत्यप्रकाश, एडीजीपी नवदीप विर्क व अतिरिक्त महाधिवक्ता दीपक मनचंदा शामिल हैं। ये समिति इस संबंध में अन्य प्रदेशों में बने व बनाए जा रहे कानूनों का अध्ययन करेगी। गृह मंत्री खुद अन्य प्रदेशों में बन चुके या बनाए जा रहे कानूनों का अध्ययन कर रहे हैं।