हरियाणा के ऑक्सीजन प्लांटों के नियंत्रण एवं प्रबंधन का कार्य सेना, अर्ध सैनिक बलों को सौंपने की मांग स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने उठाई है। उन्होंने कहा कि इससे प्लांटों की सुरक्षा व सुचारु संचालन हो सकेगा। ऑक्सीजन संबंधी समस्याओं के चलते इस प्रकार का कदम उठाया जाना चाहिए, क्योंकि अगर एक भी प्लांट रुक जाता है तो लोगों की सांसें रुक जाती हैं।
सरकार राज्य के सभी अस्पतालों में ऑक्सीजन के आवश्यकतानुसार वितरण का लगातार प्रयास कर रही है। विज ने कहा कि केंद्र सरकार की सहायता से प्रदेश में 60 ऑक्सीजन प्लांट लगाए जाएंगे, जिन्हें राज्य के 30, 50, 100 और 200 बिस्तरों की क्षमता वाले विभिन्न सरकारी अस्पतालों में स्थापित करेंगे।
उन्होंने बताया कि छह सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट पर कार्य किया जा रहा है। अंबाला के बाद अब पंचकूला, फरीदाबाद और हिसार में भी शीघ्र ही ऑक्सीजन प्लांट काम करना शुरू कर देंगे। करनाल और सोनीपत में लगाए गए ऑक्सीजन प्लांट में उत्पादन शुरू हो गया है। प्रदेश के सरकारी अस्पतालों को ऑक्सीजन के मामले में आत्मनिर्भर बनाने के लिये सरकार युद्घ स्तर पर काम कर रही है।
बच्चों को टीकाकरण के लिए सरकार तैयार : विज
अनिल विज ने कहा कि सरकार बच्चों को टीकाकरण के लिए तैयार है। सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना के बढ़ते प्रकोप पर सरकार के सामने सवाल खड़े किए हैं। विज ने कहा कि जैसे ही बच्चों की वैक्सीन को मंजूरी मिलेगी, राज्य में वैसे ही टीकाकरण की शुरुआत कर दी जाएगी।
होम आइसोलेशन वाले रोगियों को ऑक्सीजन की आपूर्ति होगी
हरियाणा में कोविड-19 रोगियों और सह-रुग्णता से पीड़ित लोगों को घर में ऑक्सीजन आपूर्ति प्रदान करने के लिए एक प्रणाली तैयार की गई है। प्रणाली के अनुसार इन रोगियों के पंजीकरण के लिए पोर्टल विकसित किया गया है। ऐसे रोगियों के घर पर ऑक्सीजन आपूर्ति के लिए विभिन्न सामाजिक संगठनों को भी पोर्टल पर पंजीकृत किया जाए।
तय होगा एंबुलेंस का किराया
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सभी डीसी को दवाओं व आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी को रोकने के लिए एक टीम का गठन करने को कहा है। वहीं एंबुलेंस का प्रति किमी किराया व अस्पतालों में बेड और दवाइयों के दाम भी दम होंगे। आवश्यक वस्तुओं की रेट लिस्ट दुकानों के बाहर लगाई जाएगी।