दिग्विजय सिंह अपने दादा और मां के साथ।
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भवन विद्यालय चंडीगढ़ से इंटर की पढ़ाई करने वाली अनहद कौर का कहना है कि नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी यानी एनएलयू से एलएलबी करने का लक्ष्य है और उन्हें अब दाखिला भी मिल जाएगा। वह एडवोकेट बनकर देश की सेवा करना चाहती हूं। उनके पिता जसप्रीत सिंह मेहता बेटी की सफलता पर खुश हैं। माता मनमीत कौर मेहता भी खुशी से फूले नहीं समा रहीं।
वहीं, इस परीक्षा में देशभर में दूसरे स्थान पर रहे दिग्विजय सिंह ने भी परीक्षा के लिए कड़ी मेहनत की थी। उनकी इस उपलब्धि से उनका पूरा परिवार खुश है। उन्होंने बताया कि इस परीक्षा की तैयारी उन्होंने 10वीं पास करने के बाद ही शुरू कर दी थी। उन्होंने भवन विद्यालय चंडीगढ़ में पढ़ाई की थी। स्कूल का भी पूरा सहयोग मिला।
इस परीक्षा के जरिए नेशनल लॉ स्कूल (एनएलएस) दिल्ली में उन्हें दाखिला मिलेगा, जहां से वह एलएलबी की पढ़ाई करेंगे। न्यायिक सेवा या सिविल सेवा में जाने की उनकी इच्छा है। उन्होंने बताया कि उनकी दो बड़ी बहनें हैं, उनका पूरा सहयोग मिला। सेक्टर-16 चंडीगढ़ निवासी दिग्विजय कहते हैं कि इस परीक्षा के लिए विद्यार्थियों को दो साल पढ़ाई करनी चाहिए। कड़ी मेहनत करें और नोट्स तैयार करें। सफलता जरूर मिलेगी।