चंडीगढ़। धनास स्थित चार मंजिला फ्लैट्स में 22 वर्षीय लक्ष्मी की उस्तरे से गला रेतकर की गई हत्या की गुत्थी पुलिस ने 24 घंटे के भीतर सुलझा ली। हत्या युवती के सगे बड़े भाई विशाल ने की थी। पुलिस ने मंगलवार रात करीब ढाई बजे उसे दबोच लिया। आरोपी विशाल ने खुलासा किया कि उसकी बहन का प्रेम प्रसंग चल रहा था, जिससे वह नाराज था। इसी कारण उसने उसकी हत्या की। मंगलवार शाम करीब साढ़े सात बजे धनास स्थित चार मंजिला फ्लैट्स के फ्लैट नंबर-483 के मुख्य दरवाजे पर बाहर से ताला लगा हुआ था। लक्ष्मी का छोटा भाई विनय बाहर से घर पहुंचा तो उसे हैरानी हुई क्योंकि अंदर उसकी बहन लक्ष्मी माैजूद थी। उसने पीछे खिड़की से देखा तो अंदर जमीन पर लक्ष्मी खून से लथपथ पड़ी थी। यह देख उसने आनन-फानन खिड़की का शीश तोड़ा और फ्लैट में दाखिल हुआ। अंदर लक्ष्मी का गला कटा हुआ था और चारों तरफ खून फैला हुआ था। लक्ष्मी की माैत हो चुकी थी। उसके शव को अंदर दो कमरों में घसीटा गया था। इसके बाद उसने परिजनों और पुलिस को फोन किया। सूचना पाकर करीब पौने आठ बजे पुलिस मौके पर पहुंची तो मुख्य दरवाजे पर बाहर से ताला और अंदर से कुंडी लगी हुई मिली। जांच में फ्लैट का एक और दरवाजा मिला जो बाहर से बंद था। पुलिस ने शव कब्जे में लिया और सीएफएसएल की टीम ने जांच शुरू कर दी। जिला क्राइम सेल की टीम ने भी जांच शुरू की और घर से गायब मृतका लक्ष्मी के बड़े भाई विशाल से संपर्क करने का प्रयास किया लेकिन उसका फोन बंद मिला। इसके बाद पुलिस ने उसकी कॉल डिटेल व लोकेशन निकाली तो वारदात के समय लोकेशन घर की निकली। इसके बाद रात में करीब ढाई बजे पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। जब विशाल से पूछताछ की गई तो उसने हत्या का खुलासा किया। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।उधर, जीएमएसएच-16 में बुधवार को डॉक्टरों के बोर्ड ने लक्ष्मी के शव का पोस्टमार्टम किया, जिसके बाद सारंगपुर पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया।कारपेंटर का काम करने वाले आरोपी विशाल ने पुलिस की पूछताछ में बताया उसकी चचेरी बहन की शादी कुछ समय पहले ही हरियाणा के रेवाड़ी जिले में हुई थी। उसकी चचेरी बहन के देवर के साथ ही शादी के बाद से लक्ष्मी का प्रेम-प्रसंग चल रहा था। इसे लेकर घर में कई दिनों से झगड़ा चल रहा था। पहले तो उसके परिजनों ने रिश्तेदार युवक के साथ उसकी शादी कराने से इंकार कर दिया लेकिन कुछ दिन पहले लक्ष्मी के माता-पिता शादी के लिए राजी हो गए थे। इसी बात को लेकर मंगलवार की सुबह भी विशाल की अपनी बहन के साथ बहस हुई थी और वह घर से चला गया था। इसके बाद वह शाम को फिर घर आया। घर में तब लक्ष्मी अकेली थी। इनके बीच फिर से बहस हुई और इसी दौरान पहले से तैयार विशाल ने पहले लक्ष्मी के सिर पर उस्तरे से वार किया। इससे वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर गई। फिर उसने उस्तरे से उसका गला रेतकर शव को एक कमरे से दूसरे कमरे तक घसीटा। उसने अपनी बहन के शव के पास ही गर्दन काटने वाला उस्तरा फेंक दिया और मुख्य दरवाजे पर अंदर से कुंडी लगा दी। बाद में वह पिछले दरवाजे से बाहर निकला और मुख्य दरवाजे पर ताला लगाकर भाग गया ताकि सबको यह लगे कि उसकी बहन ने अंदर से कुंडी लगाकर आत्महत्या की है। आरोपी ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। हालांकि परिजनों का कहना है कि उनका बेटा बेकसुर है लेकिन पुलिस आरोपी विशाल को वीरवार को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेगी।