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Chandigarh News: एडवोकेट नीरज हंस की मौत के मामले में गुस्साए वकीलों ने किया रोष प्रदर्शन

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चंडीगढ़। सेक्टर-43 स्थित जिला अदालत में जिला बार एसोसिएशन के पूर्व सचिव एडवोकेट नीरज हंस की मौत के मामले में गुस्साए वकीलों ने शुक्रवार सुबह से ही अदालत में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस विरोध में बड़ी संख्या में वकील इकट्ठा हुए। उन्होंने मिलकर चंडीगढ़ पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की।
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वकीलों ने हंस की मौत के लिए जिम्मेदार एडवोकेट रविंदर सिंह बस्सी उर्फ जौली व दो अन्य वकीलों की पुलिस विभाग से गिरफ्तारी की मांग की है। इस मौके पर पहुंचे भाई हरदीप हंस ने भी कहा कि अगर रविवार तक जौली, गुरप्रीत व सतीश मोर को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तो वे जिला अदालत में धरना प्रदर्शन करेंगे। इस प्रदर्शन में जिला अदालत के वकीलों का भी पूरा समर्थन मिलेगा। इसके साथ ही वकीलों ने भी सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का फैसला कर लिया है। शुक्रवार को वकीलों ने इस मामले पर डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज अरुणवीर वशिष्ट से मुलाकात की। साथ ही वकीलों ने बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट रोहित खुल्लर से जौली को डी-बार करने की भी मांग की।

हंस के भाई ने लगाए आरोप
बीते सात सितंबर को जिला अदालत की पार्किंग में नीरज हंस से एडवोकेट रविंदर सिंह बस्सी उर्फ जौली का किसी बात पर झगड़ा हुआ था। नीरज के भाई हरदीप ने आरोप लगाते हुए बताया है कि झगड़े के दौरान जौली ने हंस के सीने पर जोर से मुक्का मारा था। कुछ देर तक तो वह ठीक रहा परंतु थोड़ी देर बाद उसे हार्ट अटैक आ गया, जिसके बाद उसे तुरंत पीजीआई ले जाया गया। परंतु कुछ देर जांच के बाद डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। हरदीप का कहना है कि मरने से पहले नीरज ने उसे इस पूरी वारदात के बारे में बताया था और उसने जौली, गुरप्रीत और सतीश मोर का नाम लिया था। हरदीप की शिकायत पर चंडीगढ़ पुलिस ने इस मामले में एफआईआर तो दर्ज की, परंतु अभी तक इस मामले में किसी को भी गिरफ्तार नहीं किया गया है।
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