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Chandigarh News: आनिंदिता मित्रा का कार्यकाल खत्म, देर रात तक रिलीव करने के आदेश नहीं...डीसी को दिया निगम आयुक्त का चार्ज

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चंडीगढ़। नगर निगम की आयुक्त आनिंदिता मित्रा का तीन साल का कार्यकाल वीरवार को खत्म हो गया। देर रात खबर लिखे जाने तक यूटी प्रशासन ने उनके रिलीविंग के आदेश जारी नहीं किए। हालांकि, उनका चार्ज डीसी विनय प्रताप सिंह को सौंप दिया गया। इस बीच आनिंदिता मित्रा ने 25 दिन की डेपुटेशन लीव ले ली है। प्रशासन के अधिकारियों को उम्मीद थी कि केंद्र सरकार मित्रा को 3 महीने का एक्सटेंशन दे देगी लेकिन केंद्र की तरफ से एक्सटेंशन नहीं मिली, जिसके बाद प्रशासक के सलाहकार राजीव वर्मा ने निगम आयुक्त का चार्ज डीसी विनय प्रताप सिंह को सौंप दिया।
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आनिंदिता मित्रा के एक्सटेंशन को लेकर यूटी प्रशासन की तरफ से पिछले काफी समय से कोशिश की जा रही थी। यूटी प्रशासन ने पंजाब सरकार को चार बार एक्सटेंशन के लिए पत्र लिखा लेकिन सरकार ने कोई जवाब नहीं दिया। आखिरी पत्र में यहां तक कहा गया कि अगर पंजाब सरकार की तरफ से मित्रा को एक्सटेंशन नहीं दिया जाता है आयुक्त के लिए पैनल भेजा जाए।
सूत्रों के अनुसार पंजाब के पूर्व राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान तक से भी इस संबंध में कहा था। प्रशासक गुलाबचंद कटारिया के साथ कुछ दिन पहले पंजाब के सभी सचिवों की एक बैठक हुई थी। इसमें स्पष्ट हो गया था कि मित्रा को पंजाब की तरफ से एक्सटेंशन नहीं दिया जाएगा। पंजाब से जवाब नहीं मिलने पर प्रशासन ने केंद्र सरकार से तीन महीने के एक्सटेंशन की मांग कर दी थी। कुछ दिन पहले रिमाइंडर भी भेजा गया। सभी को उम्मीद थी कि मित्रा के कार्यकाल के आखिरी दिन यानी वीरवार को केंद्र सरकार की तरफ से एक्सटेंशन दे दिया जाएगा लेकिन वीरवार देर रात तक इंतजार करने के बाद भी केंद्र सरकार ने एक्सटेंशन नहीं दी। इसके बाद प्रशासक के सलाहकार राजीव वर्मा ने निगम आयुक्त का कार्यभार डीसी विनय प्रताप सिंह को सौंप दिया। हालांकि, देर रात खबर लिखे जाने तक मित्रा को चंडीगढ़ से रिलीव नहीं किया है।
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आखिरी दिन मित्रा को मिलने के लिए लगा लोगों-कर्मचारियों का तांता
देर शाम तक स्पष्ट होने लगा कि आनिंदिता मित्रा को एक्सटेंशन नहीं मिलेगी। उनके दफ्तर में लोग पहुंचने शुरू हो गए। कई सफाई कर्मचारी भी उनसे मिलने पहुंचे और उनसे बात करते समय उनके दफ्तर में भावुक भी हो गए। मित्रा के कार्यकाल के आखिरी दिन कई लोग गुलदस्ता लेकर पहुंचे। उनका टेबल गुलदस्ते से भर गया। निगम के सभी अधिकारी भी उनसे मिलने पहुंचे। आयुक्त ने सभी के साथ एक केक भी काटा और सभी से मिलने के बाद शाम 6.47 बजे निगम दफ्तर से घर के लिए रवाना हो गईं। बता दें कि डेपुटेशन खत्म होने के बाद दूसरी जगह जॉइन करने से पहले कोई भी अधिकारी 60 दिन तक की डेपुटेशन लीव ले सकता है। मित्रा ने 25 दिन की छुट्टी ली है। वहीं, पूर्व वित्त सचिव विजय नामदेवराव जड़े ने 45 दिन की छुट्टी ली थी।

अब प्रशासन में वरिष्ठ अधिकारियों की भारी कमी
आनिंदिता मित्रा के जाने बाद प्रशासन में अधिकारियों की भारी कमी हो गई है। गृह सचिव के पद पर मनदीप सिंह बराड़ को केंद्र ने हरी झंडी दे दी है लेकिन हरियाणा सरकार ने अभी तक उन्हें रिलीव नहीं किया है। ऐसे में अभी तक चंडीगढ़ में गृह सचिव का पद भी खाली है। वित्त सचिव का पद भी करीब दो महीने से खाली है। पंजाब सरकार ने इस पद को भरने के लिए जो अधिकारियों का पैनल भेजा था, उसे केंद्र सरकार खारिज कर चुका है। प्रशासन ने दोबारा पैनल मांगा लेकिन अब तक नहीं भेजा गया है। अब नगर निगम की आयुक्त का पद भी खाली हो गया है। डीसी विनय प्रताप सिंह का कार्यकाल भी नवंबर में समाप्त होने वाला है।
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