चंडीगढ़। पीजीआई के ओरल हेल्थ साइंसेज सेंटर में बच्चों के कैंसर मरीजों के लिए मौखिक स्वास्थ्य पर केंद्रित पहला इंटरडिसिप्लिनरी एप्रोच टू ओरल हेल्थ केयर इन पीडियाट्रिक हेमाटो-ऑन्कोलॉजी सिम्पोजियम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में 150 से अधिक दंत विशेषज्ञों, ऑन्कोलॉजिस्ट्स और रेजिडेंट डॉक्टरों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का उद्घाटन पीजीआई के डीन (रिसर्च) प्रो. संजय जैन ने किया। उन्होंने कहा कि कैंसर से जूझते बच्चों की देखभाल केवल दवाओं तक सीमित नहीं रहनी चाहिए बल्कि मौखिक स्वास्थ्य भी उनके जीवन की गुणवत्ता सुधारने का अहम हिस्सा है। पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. एचएस चावला मुख्य अतिथि रहे और उन्होंने कीमोथेरेपी करवा रहे बच्चों के लिए मौखिक स्वास्थ्य जागरूकता पैम्फलेट का विमोचन किया। यह पैम्फलेट बच्चों और उनके परिजनों के लिए बेहद उपयोगी है।
इसमें कीमोथेरेपी के दौरान मुंह की सफाई के तरीके, आम समस्याएं जैसे म्यूकोसाइटिस, घाव, सूजन या दर्द से निपटने के उपाय, खाने-पीने की सावधानियां और दंत चिकित्सक से कब संपर्क करें जैसी जानकारी दी गई है।
ओरल हेल्थ साइंसेज सेंटर के हेड प्रो. एसपी सिंह ने बताया कि समाज में बच्चों के मौखिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता अभी भी सीमित है, इसलिए ऐसे शैक्षणिक और जनजागरूकता कार्यक्रमों की जरूरत है। आयोजक सचिव डॉ. अदिति कपूर ने कहा कि मौखिक देखभाल कैंसर उपचार का अभिन्न हिस्सा है जिससे संक्रमण कम और उपचार परिणाम बेहतर हो सकते हैं।
कार्यक्रम में डॉ. अमिता त्रेहन (पीजीआई), डॉ. रचना सेठ (एम्स दिल्ली), डॉ. आईके पंडित (डीएवी डेंटल कॉलेज) जैसे विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। डॉ. मनोज जैस्वाल ने बताया कि लेजर थेरेपी से कीमोथेरेपी से होने वाले म्यूकोसाइटिस का उपचार अधिक प्रभावी ढंग से संभव है।