उसने कहा, हादसे के लिए मैं और डॉ. नवजोत कौर सिद्धू किसी भी तरीके से कुसूरवार नहीं हैं। इसमें रेलवे और लोगों की खुद की गलती है। लोगों को खुद सोचना चाहिए कि कहां खड़ा होना है। स्टेज से कई बार अनाउंसमेंट कराई गई कि ट्रैक पर खड़े न हों। लोगों को अनाउंसमेंट के बाद ट्रैक से हटना चाहिए था। रेलवे ट्रैक की तरफ कोई एलसीडी स्क्रीन नहीं लगाई गई थी।
मदान ने कहा, ‘मैं भागा नहीं था, बल्कि डर गया था। भीड़ को उकसाकर मेरे घर पर हमला कराया गया। मदान ने कहा कि क्या मेरा यह कसूर है कि मैंने यह कार्यक्रम करवाया। क्या मैं गेटमैन हूं या ड्राइवर हूं। मदान ने साफ कहा कि वह घायलों के साथ है और उनसे मुलाकात भी करने घर भी जाएंगे। अभी उनको सम्मन नहीं आया है, जब मजिस्ट्रेट इन्क्वायरी में उनको बुलाया जाएगा, वह शामिल होकर पूरा सहयोग करेंगे।