सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह
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पीएचडी का ही है हाथ
पुलिस को आशंका है कि ग्रेनेड मुहैया करवाने वाला हैप्पी पाक में रहने वाले केएलएफ का मुखिया हरमीत सिंह हैप्पी उर्फ पीएचडी है। जोकि पंजाब में 2016-17 के दौरान हुई टारगेटेड किलिंग का मास्टरमाइंड था। जिसमें आरएसएस, शिवसेना व हिंदू नेताओं और पादरी पर हमले हुए थे। इसमें आईएसआई शामिल थी।
कोई धार्मिक मकसद नहीं
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने स्पष्ट किया कि अमृतसर हमले के पीछे कोई धार्मिक या सांप्रदायिक मकसद नहीं था। यह आईएसआई द्वारा कराया गया पूरी तरह से आतंकी हमला था, जिसका मकसद पंजाब में अशांति फैलाना था। क्योंकि आईएसआई सीमा पर गड़बड़ी चाहता है। जेएंडके के बाद पंजाब, उसके बाद राजस्थान और गुजरात में यही होगा। उन्होंने कहा कि टारगेट किलिंग से जब आईएसआई के मंसूबे पूरे नहीं हुए तो उसने बड़े पैमाने पर हिंसा की साजिश रची।
पंजाबी-कश्मीरी आतंकियों में गठजोड़ चिंता का विषय
सीएम ने कहा कि पंजाब के खालिस्तान समर्थक आतंकियों और कश्मीर के कट्टरपंथियों के बीच आईएसआई ने गठजोड़ करवाया है। जोकि पंजाब के लिए चिंता का विषय है। पंजाब पुलिस ऐसे तत्वों को रोकने के लिए केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिल कर काम कर रही है। किसी को भी मुश्किल से मिली शांति को भंग करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
पाक में बना है ग्रेनेड
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि वारदात में प्रयोग किया गया एचजी 84 ग्रेनेड पाकिस्तान की ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में बना है। पहले बीकेआई द्वारा पाक से भेजी हथियारों की खेप में भी ऐसे पांच ग्रेनेड रिकवर किए जा चुके हैं। ऐसे ग्रेनेड पाक, अफगानिस्तान और ऑस्ट्रिया की सेनाएं प्रयोग करती हैं। यह तीस मीटर के दायरे में तबाही मचाता है, फटने के बाद इससे छर्रे निकलते हैं।
अब तक गिरफ्तार हुए 81 आतंकी
सीएम ने बताया कि मार्च 2017 से अब तक पंजाब पुलिस ने 17 टैरर मॉड्यूल बर्स्ट कर 81 आतंकी गिरफ्तार किए हैं। 77 हथियार बरामद किए गए, जिनमें 12 ग्रेनेड शामिल हैं। इस समय के दौरान पाक की ओर से विभिन्न खालिस्तानी आतंकियों से मिल कर भेजी गईं हथियारों की तीन खेप भी पकड़ी हैं।