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अमृतसर ब्लास्ट के पीछे था पाक का नापाक हाथ, पंजाब पुलिस ने 72 घंटे में हल किया केस, एक गिरफ्तार

Thu, 22 Nov 2018 09:18 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह - फोटो : अमर उजाला
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रविवार को अमृतसर स्थित निरंकारी सत्संग भवन में हुए बम धमाके के पीछे एक बार फिर पाक का नापाक हाथ सामने आया है। पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई समर्थित खालिस्तान लिबरेशन फोर्स ने ही धमाका करवाया था। पंजाब पुलिस ने 72 घंटे से भी कम समय में केस हल करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, दूसरे की तलाश जारी है।

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रविवार को राजासांसी के गांव अदलीवाल स्थित निरंकारी सत्संग घर में बाइक सवार दो नकाबपोश युवकों ने हैंड ग्रेनेड फेंक कर दहशत मचा दी थी। हादसे में तीन लोग मारे गए थे, 15 जख्मी हुए थे। 

पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि आरोपी बिक्रमजीत सिंह बिक्रम (26) निवासी गांव धारीवाल, राजासांसी को बुधवार सुबह लोहारका गांव के पास से गिरफ्तार किया गया। बिक्रम केएलएफ का ऑपरेटिव है, उसे पाकिस्तान में रहने वाले हैप्पी ने ग्रेनेड मुहैया करवाया था। सीसीटीवी फुटेज के सुराग के आधार पर बिक्रम की गिरफ्तारी हुई। जिसने बताया कि दूसरा आरोपी अवतार सिंह खालसा (32) निवासी गांव चक्क मिश्री खान, लोपोके, अमृतसर था। बिक्रम की बाइक और वारदात में प्रयोग की गई बाइक बरामद कर ली गई हैं। पंजाब में हुई बेअदबी की घटनाओं के सवाल पर सीएम ने कहा कि पिछली सरकार के तीन केस सीबीआई के पास हैं। कांग्रेस कार्यकाल में हुए पांचों केस हल कर 16 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
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पेड़ के नीचे ग्रेनेड, ऐसे की वारदात
डीजीपी सुरेश अरोड़ा ने बताया कि बिक्रम को अवतार ने तीन नवंबर की रात फोन किया कि अगले दिन एक काम करना है। चार की सुबह साढ़े चार बजे वह बिक्रम के घर पहुंचा। वहां से बिक्रम की बाइक पर वह एक किलोमीटर दूर मजीठा-हरियाणा लिंक रोड स्थित एक खेत में पहुंचे। जहां शीशम के पेड़ के नीचे करीब आधा फुट नीचे दबा एचजी 84 हैंड ग्रेनेड निकाला। बिक्रम ने पूछताछ में बताया कि 13 नवंबर को सत्संग घर में कोई नहीं था, उस दिन रेकी की गई। जिसमें सीसीटीवी कैमरों की लोकेशन, लेआउट प्लान और मेन गेट से सत्संग घर की दूरी पर फोकस किया गया। योजना के मुताबिक बिक्रम 16 नवंबर को सुबह नौ बजे अपनी पल्सर पर अवतार के घर पहुंचा और बाइक की नंबर प्लेट हटाई। साढ़े नौ बजे वे गांव अदलीवाल के लिए रवाना हुए। दोनों के पास पिस्तौल थीं। रास्ते में गांव मानावाला के पास मुंह ढंके। अदलीवाल पहुंचने के बाद उन्होंने लोगों के इकट्ठे होने का इंतजार किया। बिक्रम ने पिस्टल की मदद से गेट पर मौजूद दोनों सेवादारों को काबू किया और अवतार संगत के साथ अंदर चला गया। ग्रेनेड फेंकने के बाद दोनों बाइक से करीब बारह बजे अवतार के घर पहुंचे। कपड़े बदलने के बाद बिक्रम अपने घर चला गया।

पीएचडी ने मोबाइल पर भेजी थी ग्रेनेड की लोकेशन
बिक्रम ने पुलिस को बताया कि अवतार पाक के हैप्पी के संपर्क में था। जिसने अपने सहयोगी की मदद से मजीठा के पास एक खेत में ग्रेनेड छिपवाया था। अवतार को उसके मोबाइल फोन पर लोकेशन डिटेल्स और डंप लोकेशन की तस्वीरें भेजी गई थीं। इससे पहले पटियाला से गिरफ्तार आतंकी शबनमदीप सिंह को भी हरमीत सिंह हैप्पी उर्फ पीएचडी ने ही मोबाइल पर ग्रेनेड की लोकेशन भेजी थी।
 

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सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह - फोटो : अमर उजाला
पीएचडी का ही है हाथ
पुलिस को आशंका है कि ग्रेनेड मुहैया करवाने वाला हैप्पी पाक में रहने वाले केएलएफ का मुखिया हरमीत सिंह हैप्पी उर्फ पीएचडी है। जोकि पंजाब में 2016-17 के दौरान हुई टारगेटेड किलिंग का मास्टरमाइंड था। जिसमें आरएसएस, शिवसेना व हिंदू नेताओं और पादरी पर हमले हुए थे। इसमें आईएसआई शामिल थी।

कोई धार्मिक मकसद नहीं
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने स्पष्ट किया कि अमृतसर हमले के पीछे कोई धार्मिक या सांप्रदायिक मकसद नहीं था। यह आईएसआई द्वारा कराया गया पूरी तरह से आतंकी हमला था, जिसका मकसद पंजाब में अशांति फैलाना था। क्योंकि आईएसआई सीमा पर गड़बड़ी चाहता है। जेएंडके के बाद पंजाब, उसके बाद राजस्थान और गुजरात में यही होगा। उन्होंने कहा कि टारगेट किलिंग से जब आईएसआई के मंसूबे पूरे नहीं हुए तो उसने बड़े पैमाने पर हिंसा की साजिश रची।

पंजाबी-कश्मीरी आतंकियों में गठजोड़ चिंता का विषय
सीएम ने कहा कि पंजाब के खालिस्तान समर्थक आतंकियों और कश्मीर के कट्टरपंथियों के बीच आईएसआई ने गठजोड़ करवाया है। जोकि पंजाब के लिए चिंता का विषय है। पंजाब पुलिस ऐसे तत्वों को रोकने के लिए केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिल कर काम कर रही है। किसी को भी मुश्किल से मिली शांति को भंग करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

पाक में बना है ग्रेनेड
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि वारदात में प्रयोग किया गया एचजी 84 ग्रेनेड पाकिस्तान की ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में बना है। पहले बीकेआई द्वारा पाक से भेजी हथियारों की खेप में भी ऐसे पांच ग्रेनेड रिकवर किए जा चुके हैं। ऐसे ग्रेनेड पाक, अफगानिस्तान और ऑस्ट्रिया की सेनाएं प्रयोग करती हैं। यह तीस मीटर के दायरे में तबाही मचाता है, फटने के बाद इससे छर्रे निकलते हैं।

अब तक गिरफ्तार हुए 81 आतंकी
सीएम ने बताया कि मार्च 2017 से अब तक पंजाब पुलिस ने 17 टैरर मॉड्यूल बर्स्ट कर 81 आतंकी गिरफ्तार किए हैं। 77 हथियार बरामद किए गए, जिनमें 12 ग्रेनेड शामिल हैं। इस समय के दौरान पाक की ओर से विभिन्न खालिस्तानी आतंकियों से मिल कर भेजी गईं हथियारों की तीन खेप भी पकड़ी हैं।
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