पंजाब के अमृतसर में निरंकारी भवन में बम ब्लास्ट हुआ और इस हमले में तीन लोगों की जान चली गई। अब हमले को लेकर कई सवाल उठाए जा रहे हैं, जैसे...
रविवार का दिन ही क्यों चुना?
जिस समय ग्रेनेड फेंका गया, उस समय निरंकारी भवन में सत्संग चल रहा था। रविवार का दिन था, तो काफी संख्या में लोग मौजूद थे। करीब 200 लोगों के होने की बात कही जा रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि रविवार का दिन ही क्यों चुना गया, क्या ज्यादा से ज्यादा लोगों की जान लेने की प्लानिंग थी।
पंजाब में आतंकवाद की दस्तक तो नहीं
अमृतसर में निरंकारी भवन में ग्रेनेड हमले के पीछे का मकसद कहीं पंजाब में फिर से आतंकवाद की दस्तक तो नहीं। क्योंकि हाल ही में कुछ समय पहले आर्मी चीफ ने कहा था कि बाहरी ताकतें पंजाब में फिर से उग्रवाद को जिंदा करने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने चेताया था कि जल्द ही कोई कार्रवाई नहीं की गई तो बहुत देर हो जाएगी।