'वारिस पंजाब दे' संगठन के प्रमुख और कट्टरपंथी अमृतपाल सिंह के करीबियों पर अब एक्शन शुरू हो गया है। अजनाला थाने पर हमले के बाद अमृतपाल के सोशल मीडिया को हैंडल करने वाले गुरिंदरपाल सिंह औजला को अमृतसर के श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया गया है।
एयरपोर्ट पर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने उसे काबू कर पंजाब पुलिस के हवाले कर दिया। वह यूनाइटेड किंगडम (UK) जा रहा था। उसके खिलाफ जालंधर में 20 फरवरी को सोशल मीडिया पर हथियारों के प्रदर्शन के मामले में केस दर्ज किया गया था।
जालंधर कमिश्नरेट की पुलिस ने उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया था। वह जालंधर के कुक्कड़ पिंड का रहने वाला है। बीते कुछ महीनों से वह पंजाब में ही था। जालंधर के डीसीपी (जांच) जसकरणजीत सिंह तेजा ने कहा कि अदालत के नियमानुसार आरोपी को जांच में शामिल होने के लिए नोटिस थमा दिया गया है। केस में शामिल होने के बाद अगली जांच शुरू होगी।
नौ समर्थकों के शस्त्र लाइसेंस भी होंगे रद्द
उधर, पंजाब पुलिस ने केंद्रीय एजेंसियों के इनपुट पर अमृतपाल सिंह व उसके साथियों के हथियारों की जांच शुरू कर दी थी। फरवरी में उसके एक समर्थक का लाइसेंस रद्द कर दिया गया था। वहीं नौ के हथियारों की जांच चल रही है लेकिन फिर भी उसके समर्थक हथियार लेकर निकल रहे थे। अजनाला थाने पर हमले के वक्त भी उसके समर्थक हथियारों से लैस थे।
पुलिस गुरभेज सिंह निवासी फरीदकोट का लाइसेंस पहले ही रद्द कर चुकी है। फरीदकोट के एसएसपी हरजीत सिंह ने फरवरी में लाइसेंस रद्द किया था, हालांकि हथियार जब्त नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि हथियार जब्त करने की प्रक्रिया चल रही है। दूसरी तरफ अमृतसर निवासी हरजीत सिंह व बलजिंदर सिंह, कोटकपूरा का राम सिंह बराड़, मोगा का गुरमत सिंह, संगरूर का अवतार सिंह, तरनतारन का वरिंदर सिंह व अमृतपाल, पटियाला का हरप्रीत देवगन और तरनतारन के तलविंदर सिंह के खिलाफ जांच चल रही है।
यह है मामला
24 फरवरी को लवप्रीत सिंह तूफान को पुलिस से छुड़वाने के खातिर अमृतपाल सिंह के समर्थकों की भीड़ अजनाला में जुटी थी। अमृतपाल सिंह खुद श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी को लेकर अजनाला थाने पहुंचा था। इसकी आड़ में उसके समर्थकों ने अजनाला थाने पर हमला बोल दिया था। इस हमले में छह पुलिसवालों को गंभीर चोट आई थी। वहीं बाद में पंजाब पुलिस ने लवप्रीत सिंह तूफान को रिहा भी कर दिया था।