धर्म के नाम पर बरगलाता था
सूत्रों से पता चला है कि जब अमृतपाल दुबई में ड्राइवर था, और चाचा के ट्रांसपोर्ट में काम भी करता था। तब वह रोडे के भाई जसवंत के संपर्क में था। उसी समय उसकी आईएसआई से घनिष्ठता हुई। माना जाता है कि आईएसआई के एजेंटों ने उसे निर्दोष युवा सिखों को धर्म के नाम पर प्रेरित करने के लिए कहा था। आईएसआई के कहने पर अमृतपाल सिंह पिछले साल अगस्त में भारत आया था।
अमृतपाल के गांव में पुलिस का कड़ा पहरा, फ्लैग मार्च
अमृतसर। खालिस्तान समर्थक अमृतपाल और उसके समर्थकों पर पंजाब पुलिस की कार्रवाई के बाद से सूबे में स्थिति तनावपूर्ण है। सबसे ज्यादा तनाव अमृतपाल के गांव जल्लूपुर खेड़ा में है। बीते 36 घंटों से पूरे गांव पर कड़ा पहरा है। बड़ी संख्या में सुरक्षाबल तैनात हैं। जल्लूपुर खेड़ा के रास्तों पर जगह-जगह नाके लगा दिए गए हैं। गांव में हर आने जाने वाले पर सुरक्षा एजेंसियां कड़ी नजर रख रही हैं।
स्वर्ण मंदिर के पास से छह समर्थक गिरफ्तार
पुलिस ने अमृतसर के गोल्डन टेंपल के पास से 6 के करीब अमृतपाल सिंह के समर्थकों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए समर्थकों को कहां ले जाया गया है, इस पर कोई जानकारी नहीं दी गई है। अमृतसर के हर एंट्री प्वाइंट पर जांच की जा रही है।
अमृतपाल को अवैध हिरासत में रखने का आरोप, हाईकोर्ट में याचिका दायर
अमृतपाल को अवैध रूप से हिरासत में रखने का आरोप लगाते हुए वारिस पंजाब दे के सदस्य हाईकोर्ट पहुंच गए हैं। रविवार को दाखिल याचिका पर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याचिकाकर्ता इमरान सिंह का आरोप है केंद्र सरकार ने पंजाब सरकार के साथ मिलकर जालंधर से अमृतपाल को अवैध हिरासत में रखा गया है, जिसका अभी तक कारण स्पष्ट नहीं किया गया है।
पांच समर्थक नजरबंद
अमृतपाल के समर्थन में आए भूपेंद्र सिंह वैदवाला सहित उसके अन्य साथियों को पुलिस ने घर में ही नजरबंद कर दिया। दिनभर भूपेंद्र सिंह के घर पर पुलिस बल तैनात रहा। भूपेंद्र सिंह वैदवाला ने फोन पर बातचीत के दौरान कहा कि भाजपा सरकार अमृतपाल को बिना किसी कारण मामले दर्ज कर आरोपी घोषित कर रही है।
अमृतपाल के समर्थकों ने डेढ़ घंटे जाम रखा हाईवे
सिरसा। पंजाब पुलिस वारिस पंजाब दे संगठन के मुखिया व खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह की गिरफ्तारी के लिए पंजाब में सर्च अभियान चला रही है। पुलिस की कार्रवाई के विरोध में सिरसा में अमृतपाल के समर्थक रोष में आ गए। उन्होंने दोपहर बाद मोरीवाला के गुरुद्वारा के सामने नेशनल हाईवे पर धरना देकर जाम लगा दिया। करीब डेढ़ घंटे तक प्रदर्शनकारी नेशनल हाईवे पर जाम लगाकर बैठे रहे। इसके बाद पुलिस ने 70 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन पहुंचा दिया।