अमृतपाल के भागने का एक और फोटो आया सामने।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह सात दिन बाद भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। उसके घर से भी पुलिस को पासपोर्ट नहीं मिला है। सुरक्षा एजेंसियों की जांच में सामने आया है कि अमृतपाल यूनाइटेड किंगडम (यूके) में शरण लेने की कोशिश कर रहा है। इसके लिए उसने जालंधर के कुछ एजेंटों और समर्थकों के माध्यम से यूके की नागरिकता के लिए आवेदन भी किया है। इसके पीछे पपलप्रीत सिंह की भी भूमिका बताई जा रही है।
एजेंसियों को सुराग मिला है कि अभी तक यूके के दूतावास ने कोई फैसला नहीं लिया है। अभी उसका आवेदन विचाराधीन है। अमृतपाल पर फरवरी माह में वरिंदर सिंह की बयान पर जब एफआईआर दर्ज हुई तो पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया था। 23 फरवरी को थाना अजनाला के घेराव के बाद अमृतपाल पुलिस की ओर से गुपचुप ढंग से उसके खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को भांप गया था।
पत्नी को बताया यूके का नागरिक
18 मार्च से लगातार भेष बदल कर एक से दूसरे स्थान पर भाग रहे अमृतपाल के संबंध में एजेंसियों ने इनपुट दिया है कि वह नेपाल के रास्ते पाकिस्तान और वहां से यूके भाग सकता है। यूके जाने के लिए उसने अपनी पत्नी के यूके की नागरिक होने की बात कही है। वहीं उसने यह भी कहा है भारत में उसकी जान को खतरा है। सुरक्षा एजेंसियां उसके पीछे पड़ी हुई हैं।
यह पपलप्रीत और यूके में पकड़े गए अवतार सिंह खंडा की योजना है। अवतार सिंह खंडा बब्बर खालसा का कार्यकर्ता है और बब्बर खालसा के परमजीत सिंह के साथ उसकी काफी नजदीकी है। खंडा ही वही व्यक्ति है जो अमृतपाल के लिए यूके जाने का रास्ता तैयार कर रहा था। परंतु इंग्लैंड में भारतीय वाणिज्य दूतावास के खिलाफ उग्र प्रदर्शन करने के मामले में उसे अब गिरफ्तार किया जा चुका है।
अमृतपाल को भारत भेजने से पहले खंडा ने करवाई थी आईएसआई से मुलाकात
यह भी रिपोर्ट आई थी कि खंडा ने ही अमृतपाल को भारत भेजने से पहले जार्जिया में आईएसआई के एजेंटों के साथ मुलाकात करवा कर उसे ट्रेनिंग दी थी कि उसे क्या करना है। अवतार सिंह खंडा और दलजीत सिंह कलसी ने योजनाबद्ध ढंग से अमृतपाल सिंह को वारिस पंजाब दे जत्थेबंदी का प्रमुख घोषित करवा दिया। 18 मार्च को काफिले से गायब होने के बाद अमृतपाल सिंह पपलप्रीत की ही ब्रेजा गाड़ी से फरार हुआ था।