इन तीनों वीडियो में कितनी सच्चाई है यह तो पुलिस जांच के बाद ही पता चलेगा लेकिन इन तीनों वीडियो ने पुलिस के उस दावे पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसमें आईजी सुखचैन सिंह गिल अमृतपाल के सरेंडर करने के दावे को खारिज कर उसे गिरफ्तार करने की बात कहते हैं। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवान सिंह मान ने भी प्रेसवार्ता कर कहा कि पुलिस का यह परेशानी रात भर चली और वह हर 15 मिनट और आधे घंटे के बीच सारी रात जागकर पुलिस से अपडेट लेते रहे।
एक तरफ मुख्यमंत्री और आईजी के गिरफ्तारी के दावे और दूसरी तरफ अमृतपाल के सरेंडर करने के तीन वीडियो ने पूरे घटनाक्रम पर सस्पेंस बनाकर रखा हुआ है। फिलहाल अमृतपाल को असम की डिब्रूगढ़ जेल में ले जाया जा चुका है लेकिन इस पूरे घटनाक्रम से पंजाब पुलिस की कार्रवाई पर सवाल जरूर खड़े हो रहे हैं। 12 राज्यों और नेपाल की सीमा तक पंजाब पुलिस अमृतपाल को ढूंढती रही, लेकिन अमृतपाल पंजाब के बीचोंबीच स्थित मोगा के एक गांव में छिपा रहा और उसने अपनी वीडियो भी न केवल बनाया, बल्कि उनको इंटनेट वायरल करवाकर खुद को सच्चा साबित करने की कोशिश भी की।