चंडीगढ़। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह चार अगस्त को चंडीगढ़ आएंगे। इस दौरान वह पहले मनीमाजरा में सातों दिन 24 घंटे जलापूर्ति परियोजना का उद्घाटन करेंगे। इसके अलावा वह एक जुलाई से देशभर में लागू हुए तीन नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन की भी समीक्षा करेंगे। गृहमंत्री अमित शाह के कार्यक्रम को लेकर यूटी प्रशासन ही नहीं बल्कि पुलिस तैयारियों को अमलीजामा पहनाने में जुट गई है। अफसरों की बैठकों का दौर भी शुरू हो चुका है। दरअसल, 74.56 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित महत्वाकांक्षी सातों दिन 24 घंटे जलापूर्ति पायलट परियोजना को स्मार्ट सिटी मिशन के तहत मनीमाजरा में क्रियान्वित किया जा रहा है। इस परियोजना में मौजूदा समय में लोगों के घर व अन्य जगहों पर रुक-रुककर होने वाली जलापूर्ति को निरंतर और दबाव वाली जलापूर्ति में बदला जा रहा है।
परियोजना के तहत मनीमाजरा क्षेत्र को चार अलग-अलग जल आपूर्ति क्षेत्रों में बांटा गया है जहां से निगरानी के लिए 16 जिला मीटर्ड क्षेत्रों (डीएमए) में विभाजित किया गया है। एक रेट्रोफिट परियोजना होने के कारण पूरे क्षेत्र में लगे पानी सप्लाई के पंपों को परिवर्तनीय आवृत्ति पंपों (वीएफडी) में बदल दिया गया है। बदले गए नए पंप सेट काफी अच्छी तकनीक वाले हैं, जिससे केवल पानी की दिक्कत ही दूर नहीं होगी बल्कि ऊर्जा खपत में काफी कमी आएगी।
इसके अलावा एक जुलाई से देशभर में लागू हुए तीन नए कानून भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य संहिता की समीक्षा के लिए गृहमंत्री यूटी पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। यह बैठक नए सचिवालय में होगी क्योंकि यह कानून लागू होने को लेकर गृहमंत्री ने सबसे पहले चंडीगढ़ में ही इसका ट्रायल करने की घोषणा भी की थी। इस मीटिंग में पुलिस अधिकारियों द्वारा तीन कानून लागू होने के बाद आ रही दिक्कतों को लेकर जानकारी दी जाएगी। गृहमंत्री के आने को लेकर पुलिस के पास आधिकारिक कार्यक्रम भी आ गया है। अधिकारियों की ओर से रूट मैप सहित अन्य तैयारियों को लेकर भी रणनीति बनाई जा रही है। बाकायदा केंद्र की सुरक्षा टीम भी यहां 3-4 दिनों में सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर चंडीगढ़ में आने वाली है और प्रशासन व पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक करेगी।