उंटसाल के छात्र अमित की हत्या के मामले की दोबारा जांच और दोषियों पर कार्रवाई के लिए डीसी कार्यालय पर आमरण अनशन का विभिन्न संगठनों ने समर्थन किया।
पुलिस के रवैये के खिलाफ परिजनों का विरोध जारी है। मृतक के पिता श्याम लाल ने अमित को न्याय न मिलने के कारण सोमवार से आमरण अनशन शुरू किया है।
बेटे अमित की लाश पांच अक्तूबर 2013 को ब्रह्मसरोवर से पुलिस को मिली थी। पिता का कहना है कि उनके बेटे की हत्या की है। आरोपियों के नाम बता दिए हैं।
पिछले काफी समय से पुलिस मामले को दबाने की कोशिश कर रही है। पिछले 11 महीने से लगातार अमित की हत्याकांड के आरोपियों के नाम देने के बाद भी एफ आईआर में दर्ज नहीं हुए।
भारत की जनवादी नौजवान सभा के संयोजक अमन सैनी, भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के भीम सिंह व सिख समुदाय के नेता कंवलजीत व गुरचरण और सीटू के सचिव महावीर दहिया व पवन ने अनशन पर कहा कि हरियाणा में कानून नहीं है।
जंगलराज जैसा माहौल बनता जा रहा है। आम आदमी को न्याय के लिए प्रदर्शन व आत्महत्या करनी पड़ रही है। अमन सैनी ने कहा कि एक दिन पहले ही छेड़खानी सें तंग आकर रोहतक की दो छात्राओं ने आत्महत्या कर ली और पुलिस ने कार्रवाई नहीं की।
तमाम संगठन इस बात की निंदा करते हैं और कल सभी न्यायप्रिय संगठनों व पार्टियों ने मृतक छात्र को न्याय दिलाने को लेकर प्रदर्शन में शामिल होने की बात कही।