मनीमाजरा। वार्ड नंबर चार के सुभाष नगर में बने शिव मंदिर में अवैध निर्माण तोड़ने पहुंची नगर निगम की टीम को भारी विरोध का सामना करना पड़ा। आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई। नगर निगम की टीम मंदिर के बाहर वीरवार सुबह 9 बजे ही पहुंच गई। इसकी सूचना मिलते ही आसपास के लोगों के साथ आम आदमी पार्टी की स्थानीय पार्षद सुमन शर्मा मौके पर पहुंचीं। उन्होंने फोन कर नगर निगम मेयर कुलदीप कुमार को मौके पर बुला लिया।
नगर निगम की टीम सुबह 9.30 बजे मंदिर के अवैध निर्माण को गिराने के लिए जैसे ही आगे बढ़ी, मेयर कुलदीप कुमार जेसीबी के आगे खड़े हो गए। इस दौरान भारी संख्या में लोगों के साथ पार्षद व अन्य लोगों ने शनि मंदिर तोड़े जाने का विरोध करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। हालांकि, भारी विरोध के बावजूद नगर निगम की टीम लगभग 11 बजे मंदिर के अंदर दो कमरों और आसपास के अवैध निर्माण को गिरा दिया। नगर निगम की टीम भारी पुलिस के साथ चार जेसीबी और लगभग 100 कर्मचारियों व मजदूरों से पहुंची थी। इससे पहले स्थानीय लोगों के भारी विरोध को देखते हुए चंडीगढ़ पुलिस के एसपी सिटी मृदुल मौके का जायजा लिया था। उसके बाद आईटी पार्क थाना प्रभारी जुलदान सिंह और उनकी टीम किसी भी तरह के विरोध व हंगामे को रोकने के लिए मुस्तैद थी।
ड्यूटी मजिस्ट्रेट विनय चौधरी के नेतृत्व में होने वाली कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल मौजूद था। इसकी अगुवाई डीएसपी पी. अभिनंदन कर रहे थे। ड्यूटी मजिस्ट्रेट और नगर निगम के अधिकारियों के साथ मेयर की लंबी बातचीत के बाद मंदिर के कुछ एरिया को तोड़ने पर सहमति बनी तो उसके बाद आगे की कार्रवाई शुरू हुई लेकिन यहां प्राचीन शिव मंदिर कमेटी के सदस्यों ने फिर गेट पर पहुंचते ही विरोध शुरू कर दिया। निगम की टीम सबसे पहले शनि मंदिर की तरफ गई तो लोग फिर आगे आ गए। लोगों ने मांग की कि मंदिर की इमारत को न तोड़कर तीन साल पहले बने साईं मंदिर बना को ही तोड़ा जाए। हालांकि, इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने साईं मंदिर के गेट पर लगे शीशे को उतार लिया। इसके बाद नगर निगम आगे बढ़ी तो आम आदमी पार्टी के डॉ. एसएस अहलूवालिया साईं जी की मूर्ति न हटाने पर अड़ गए। इस पर नगर निगम की टीम ने मंदिर में बने अवैध कमरों को तोड़ना शुरू कर दिया। इसके बाद लोग फिर विरोध में उतर आए। इस पर पुलिस ने मंदिर के अंदर से मेयर कुलदीप कुमार और एसएस अहलूवालिया और पार्षद सचिन गालब को घसीटते हुए बाहर निकाला और हिरासत में लेकर पुलिस की बस में बैठा लिया। महिला पुलिस ने स्थानीय पार्षद सुमन शर्मा को भी वहां से किसी तरह बाहर निकाला। इस दौरान उन्हें खींचतानी में चोटें भी आईं। पुलिस उन्हें भी अपने साथ ले गई। इसके बाद जेसीबी की दोपहर दो बजे तक कार्रवाई चली। हालांकि, इस दौरान नगर निगम के अधिकारियों ने भी मेयर की नहीं सुनी।