लुधियाना। वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव, सप्लाई-चेन में बदलाव, महंगाई और प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में बढ़ते संरक्षणवाद के बावजूद भारत के विदेशी व्यापार ने मजबूती दिखाई है। फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन (फियो) ने दिसंबर 2025 के व्यापार आंकड़ों के आधार पर निर्यात प्रदर्शन को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं।
फियो के अध्यक्ष एस.सी. रल्हन ने कहा कि अप्रैल-दिसंबर 2025 के दौरान भारत के निर्यात में लगातार विस्तार देखा गया। कुल निर्यात 4.33 प्रतिशत बढ़कर 52.92 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह 50.76 लाख करोड़ रुपये था। इसी दौरान वस्तु निर्यात 2.44 प्रतिशत बढ़कर 27.58 लाख करोड़ रुपये हुआ। अकेले दिसंबर 2025 में निर्यात 1.87 प्रतिशत बढ़कर 38.51 बिलियन डॉलर दर्ज किया गया, जो प्रमुख उत्पाद क्षेत्रों में निरंतर मांग का संकेत है।
आयात में भी तेजी
आयात के मोर्चे पर 4.95 प्रतिशत की वृद्धि हुई और कुल आयात 61.03 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचा। वस्तु आयात 5.90 प्रतिशत बढ़कर 48.31 लाख करोड़ रुपये रहा। दिसंबर 2025 में आयात 5.31 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचा, जिससे व्यापार घाटा 2.09 लाख करोड़ रुपये दर्ज किया गया। रल्हन ने बताया कि आयात में यह बढ़ोतरी ऊर्जा उत्पादों, इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीनरी और औद्योगिक इनपुट्स की मांग को दर्शाती है, जो घरेलू विनिर्माण, इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार और निवेश गतिविधियों के संकेत हैं।
प्रमुख निर्यात और आयात वस्तुएं
अप्रैल-दिसंबर 2025 में इंजीनियरिंग गुड्स, पेट्रोलियम उत्पाद, इलेक्ट्रॉनिक सामान, फार्मास्यूटिकल्स, रत्न एवं आभूषण, रसायन, रेडीमेड गारमेंट्स, सूती वस्त्र, हथकरघा, चावल और समुद्री उत्पाद प्रमुख निर्यात रहे। आयात में पेट्रोलियम उत्पाद, इलेक्ट्रॉनिक्स, सोना, मशीनरी, परिवहन उपकरण, धातु, रसायन, कोयला, प्लास्टिक और लोहा-इस्पात शीर्ष रहे।
निर्यात गंतव्य और आगे की राह
अमेरिका, यूएई, चीन, नीदरलैंड, ब्रिटेन, जर्मनी, बांग्लादेश, सिंगापुर, सऊदी अरब और हांगकांग प्रमुख निर्यात गंतव्य बने। रल्हन ने कहा कि निर्यातकों के सामूहिक प्रयास और सरकार की सक्रिय नीतियों से भारत विदेशी व्यापार में भरोसेमंद और प्रतिस्पर्धी भागीदार बना है। उन्होंने तेज लॉजिस्टिक्स, स्थिर व्यापार समझौते और बाजार विविधीकरण को निरंतर समर्थन का आधार बताया।
आयात निर्यात की स्थिति
-कुल निर्यात (अप्रैल-दिसंबर 2025): 52.92 लाख करोड़ रुपये (+4.33%)
-कुल आयात (अप्रैल-दिसंबर 2025): 61.03 लाख करोड़ रुपये (+4.95%)
-प्रमुख निर्यात वस्तुएं: इंजीनियरिंग गुड्स, पेट्रोलियम, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मास्यूटिकल्स, आभूषण, रसायन।
-प्रमुख आयात वस्तुएं: पेट्रोलियम उत्पाद, इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीनरी, सोना, लोहा-इस्पात