2007 के लुधियाना सिटी सेंटर स्कैम की केस फाइल की एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ईडी) को जांच की इजाजत के लुधियाना जिला अदालत के आदेश पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने ईडी को 12 नवंबर के लिए नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया है। जस्टिस इंद्रजीत सिंह ने यह आदेश चेतन गुप्ता की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।
याचिका में बताया गया है कि इस केस में विजिलेंस पक्ष है और ईडी इस केस में पक्ष ही नहीं है। बावजूद इसके उन्हें इतने पुराने केस की फाइल की जांचने की इजाजत दी गई है। इससे पहले ट्रायल कोर्ट ने इस मामले में दायर चालान और चार्जशीट की कॉपी ईडी को देने से इनकार कर दिया था अब इसकी इजाजत दे दी गई है जो पूरी तरह से गलत है।
ईडी ने ट्रायल कोर्ट में याचिका दायर कर इस केस की फाइल की जांच की इजाजत मांगी थी। विजिलेंस ने गत वर्ष इस केस में क्लोजर रिपोर्ट दायर कर कहा था कि उन्हें कोई सबूत नहीं मिल पाया है। इस दौरान ईडी ने ट्रायल कोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि इस केस के मनी लॉन्ड्रिंग के पक्ष की वह जांच कर रहे हैं लिहाजा उन्हें इस केस की फाइल की जांचने की इजाजत दी जाए जिसे ट्रायल कोर्ट ने मंजूर कर लिया था।
लुधियाना सिटी सेंटर के एग्रीमेंट को लेकर कैप्टन अमरिंदर सिंह सहित 36 लोगों पर करोड़ों के घोटाले के आरोप लगे थे। बाद में इस मामले में विजिलेंस ब्यूरो ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। अब विजिलेंस ने इस केस में क्लोजर रिपोर्ट सौंप दी है।