कोरोना महामारी के बीच हवा बेहद खराब हो चुकी है। लंबे समय तक प्रदूषण खतरनाक स्तर पर रहा तो लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। दिवाली नजदीक है, इसलिए चिंता लाजिमी है। आतिशबाजी की वजह से हर साल दिवाली पर प्रदूषण की गहरी चादर छा जाती है, जो लंबे समय तक रहती है। इसे रोकने के लिए काफी कोशिशें हुईं।
पटाखे फोड़ने का समय भी निर्धारित किया गया। ग्रीन पटाखे लाए गए। लेकिन प्रयास सिरे नहीं चढ़ सके। बल्कि वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) बढ़ता चला गया। इस बार ऐसा हुआ तो कोरोना के साथ प्रदूषण भी गहरा असर छोड़ेगा। अब समय आ चुका है कि इसके खिलाफ एक जनअभियान छेड़ा जाए। पटाखों के बिना भी दिवाली मनाई जा सकती है। हर बार की तरह अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए अमर उजाला ने आप सबके साथ मिलकर पटाखे रहित दिवाली मनाने का संकल्प लिया है।
इसके लिए अमर उजाला एक युद्ध...पटाखों के विरुद्ध अभियान की शुरुआत करने जा रहा है। इसकी परिकल्पना आपके बिना अधूरी है। आपने जब-जब साथ दिया है तो बदलाव आया है। शुरुआत आज से करते हैं। आज से ही संकल्प लेते हैं कि इस बार दिवाली पर पटाखे नहीं लाएंगे। अपना संकल्प chd-cityreporter@chd.amarujala.com पर फोटो के साथ मेल कीजिए। साथ में अपना नाम, पता, मोबाइल नंबर और फोटो भी अवश्य भेजें। आपके संकल्प अगले दिन फोटो के साथ प्रकाशित किए जाएंगे।