लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी, उत्तर प्रदेश और हरियाणा सरकार के बीच रोडवेज बसों के संचालन को लेकर अब तक का सबसे बड़ा करार (समझौता) हुआ है। इसके तहत उत्तर प्रदेश की बसें प्रतिदिन हरियाणा में 66 हजार किमी. और हरियाणा की बसें उत्तर प्रदेश में 50 हजार किमी. का सफर तय करेंगी। इससे लोगों का आवागमन सुगम होगा और अधिकांश जिलों के लिए सीधे बस सेवा शुरू होगी। यह जानकारी हरियाणा के परिवहन मंत्री कृष्णलाल पंवार ने दी है।
उत्तर प्रदेश में 75 जिले और हरियाणा में 22 जिले हैं। दोनों ही राज्य एक-दूसरे से सटे हुए हैं मगर आवागमन के साधन नहीं होने की वजह से काफी दूरी नजर आती है। उत्तर प्रदेश से हरियाणा आने के लिए अंगुलियों पर गिनने लायक बसें चलती हैं। ऐसा ही हरियाणा से उत्तर प्रदेश जाने के लिए चुनिंदा बसें हैं। इससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उत्तर प्रदेश अथवा हरियाणा आने-जाने के लिए लोगों को पहले दिल्ली, सहारनपुर या बागपत जाना होता है, जहां से बसें गंतव्य तक जाने के लिए मिलती है।
हरियाणा और उत्तर प्रदेश सरकार काफी समय से लोगों का आवागमन सुगम बनाने के प्रयास कर रही थी। कई बार योजनाओं को अमली जामा पहना गया मगर अंतिम समय पर आकर साकार रूप नहीं ले सकी। बताते हैं कि करीब दो माह पहले दोनों प्रदेशों के परिवहन मंत्रियों के बीच में बस सेवा को और बेहतर बनाने के मसले पर चर्चा हुई। इसके बाद अधिकारियों के स्तर पर बैठकें हुई जिसमें समझौते का पूरा खाका तैयार किया। दोनों राज्यों के बीच हुए समझौते के अनुसार अब उत्तर प्रदेश की बसें हरियाणा के सभी 22 जिलों तक सीधे पहुंचेंगी।
हरियाणा की बसों को भी उत्तर प्रदेश के तमाम जिलों तक भेजा जाएगा ताकि लोगों को आवागमन में सहूलियत हो। पिछले दिनों दोनों राज्यों के बीच हुए समझौते में तय किया गया है कि उत्तर प्रदेश की बसें हरियाणा में प्रतिदिन 66 हजार किमी. का सफल तय करेंगी यानी प्रदेश के हर जिले तक उप्र, से सीधे बसें मिलेंगी। वहीं, हरियाणा की बसें उत्तर प्रदेस में 50 हजार किमी. का सफर करेंगी।
परिवहन मंत्री कृष्णलाल पंवार ने बताया कि दोनों राज्यों के बीच बस सेवा बढ़ाने को लेकर समझौता हुआ है। दोनों ही राज्य कई जिलों से नई बस सेवा शुरू करेंगे। हरियाणा सरकार तो नई बस सेवा शुरू करने के मद्देनजर करीब 650 बसों का आर्डर करने जा रही है।