मशहूर पंजाबी सिंगर परमीश वर्मा से फिरौती केलिए जानलेवा हमला करने वाले गैंगस्टर दिलप्रीत बावा पर जिला अदालत ने सुनवाई के दौरान आरोप तय कर दिए हैं। 9 जुलाई 2018 को क्राइम ब्रांच और पंजाब पुलिस ने नामी गैंगस्टर दिलप्रीत बावा को मुठभेड़ के दौरान सेक्टर 43 बस स्टैंड के पास से गिरफ्तार किया था। इस दौरान उसके पैर में दो गोलियां भी लगी थीं। पुलिस को सूचना मिली थी कि वह किसी से मिलने आ रहा था। जिसके बाद पुलिस ने उसका पीछा किया।
इस दौरान दोनों तरफ से करीब तीन राउंड फायरिंग की गई। इसमें दिलप्रीत के पैर पर तीन गोलियां लगीं। इसमें एक गोली उसकी जांघ में लगी थी। मौके पर पहुंची थाना पुलिस, ऑपरेशन सेल, पीसीआर और क्यूआरटी टीमों ने पूरे इलाके को सील कर दिया। बता दें कि 14 अप्रैल को पंजाब के मशहूर सिंगर और एक्टर परमीश वर्मा पर फिरौती के लिए जानलेवा हमला हुआ था। मोहाली के सेक्टर 91 में कार सवार बदमाशों ने उनकी कार को निशाना बनाकर कई बार गोलियां चलाई थी।
हालांकि परमीश इस हमले में बाल-बाल बच गए थे, लेकिन दिलप्रीत बावा ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी। इस हमले में बच जाने पर दिलप्रीत ने सिंगर परमीश वर्मा को फेसबुक पर जान से मारने की धमकी भी दी थी। सिंगर पर हमले के बाद दिलप्रीत सिंह ने फेसबुक अकाउंट पर रिवाल्वर के साथ एक फोटो शेयर की थी और परमीश को धमकी दी थी कि इस बार तो बच गया, लेकिन अगली बार नहीं बच पाएगा।
सरपंच हत्याकांड में गैंगस्टर दिलप्रीत समेत तीन पर आरोप तय
हाई प्रोफाइल सरपंच सतनाम सिंह की हत्या मामले में गैंगस्टर दिलप्रीत बावा, मंजीत सिंह बॉबी, हरविंदर सिंह उर्फ आकाश पर जिला अदालत ने शुक्रवार को आरोप तय कर दिया है। दो साल बाद अब इस केस में ट्रायल शुरू होगा। मामले की अगली सुनवाई 19 अगस्त को होगी। मामला 9 अप्रैल वर्ष 2017 का है।
सेक्टर-38 वेस्ट के गुरुद्वारे के बाहर सुबह करीब 11 बजे गैंगस्टर दिलप्रीत बावा, मंजीत सिंह बॉबी, हरविंदर सिंह उर्फ आकाश ने होशियारपुर के खुर्दा गांव के सरपंच सतनाम सिंह की सरेआम हत्या की थी। तीनों ने पहले सतनाम पर तलवार से हमला किया और उसके बाद 7 गोलियां चलाई थीं। गोली लगने के बाद सतनाम ने वहां से भागने की कोशिश की।
इस दौरान वह एक ट्रक के टायर के पीछे छिप गया। इसके बावजूद भी आरोपी उस पर गोलियां चलाते रहे। हमले के बाद तीनों आरोपी मौके से फरार हो गए थे। इस बीच सतनाम को हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया था। बता दें कि सतनाम हत्या मामले का एक गवाह था। वह कोर्ट में गवाही न दे सके, इसलिए उसकी भी हत्या कर दी गई थी।