-सिरसा में अनाज मंडी के गेट के पास अवैध निर्माण, जनहित याचिका में भूमि मुक्त कराने की मांग
चाहे हो धार्मिक स्थान, डीसी सुनिश्चित करें ग्रीन बेल्ट पर न हो कोई भी निर्माण: हाईकोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। सिरसा में ग्रीन बेल्ट व अन्य सरकारी भूमि पर अतिक्रमण व इसे राजनीतिक संरक्षण को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार, सिरसा के डीसी, विधायक गोपाल कांडा, गोविंद कांडा व अन्य को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। याचिका दाखिल करते हुए स्थानीय निवासी करतार सिंह ने एडवोकेट सतबीर सिंह गिल के माध्यम से हाईकोर्ट को बताया कि धार्मिक स्थलों के नाम पर सिरसा में बड़े स्तर पर अतिक्रमण का कार्य किया जा रहा है। शहर के अधिकांश हरित पट्टी क्षेत्र पर विभिन्न ट्रस्टों तथा व्यक्तियों द्वारा द्वारा मनमाने तरीके से निर्माण किया जा रहा है। हाईकोर्ट को बताया गया कि विभिन्न स्तर पर अधिकारियों ने भूमि को अतिक्रमण मुक्त करवाने के लिए आदेश दिए गए लेकिन राजनीतिक संरक्षण के चलते कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। कोर्ट को बताया गया कि स्थानीय विधायक गोपाल कांडा तथा अन्य प्रभावशाली लोगों ने अपने रसूख का इस्तेमाल किया इसलिए अभी तक कार्रवाई नहीं हो सकी। एचएसवीपी के मुख्य प्रशासक भी भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए लिख चुके हैं लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। हाईकोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अब इस मामले में सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। साथ ही यह देखते हुए कि शहर के हरित पट्टी में निर्माण गतिविधियां बेरोकटोक जारी हैं, उच्च न्यायालय ने सिरसा के डीसी को यह भी आदेश दिया है कि वह सुनिश्चित करे कि ग्रीन बेल्ट कोई और निर्माण कार्य न किया जाए, चाहे वह धार्मिक संस्था ही क्यों न हो।