चंडीगढ़। करीब 77 दिनों के बाद शहर के सभी धार्मिक स्थल, शॉपिंग मॉल्स, होटल और रेस्टोरेंट सोमवार से खुल जाएंगे। इसके अलावा अब सभी सरकारी और प्राइवेट दफ्तरों में 100 फीसदी कर्मचारी काम कर सकेंगे। प्रशासन ने इसके लिए इजाजत दे दी है। शादी व अन्य समारोह के लिए सोमवार से कुछ कम्युनिटी सेंटर भी खोल दिए जाएंगे। हालांकि यहां होने वाले कार्यक्रमों में केंद्र सरकार की तरफ से जारी गाइडलाइंस का पालन करना होगा।
केंद्र सरकार की तरफ से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, सोमवार से शहर के सभी होटल, रेस्टोरेंट, एलांते मॉल समेत शहर के सभी शॉपिंग मॉल्स और धार्मिक स्थल शर्तों के साथ खुलेंगे। वहीं, अगर कोई भी प्राइवेट व सरकारी दफ्तर अपने 100 फीसदी कर्मचारियों को बुलाना चाहता है, तो वह बुला सकता है। प्रशासन के आदेशों के अनुसार, सोमवार से सभी मंदिर व अन्य धार्मिक स्थल को खुलेंगे लेकिन कहीं पर भी प्रसाद नहीं मिलेगा। कंटेनमेंट जोन के अंदर धार्मिक स्थल, रेस्टोरेंट व शॉपिंग मॉल्स अभी बंद रहेंगे। सभी जगह कैसे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो, इसके लिए चंडीगढ़ प्रशासन ने कई दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इनका सभी को पालन करना होगा, लापरवाही पाए जाने पर प्रशासन उसके खिलाफ कार्रवाई भी कर सकता है।
दरअसल, एक जून से देश में अनलॉक-1 की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके तहत चरणबद्ध तरीके से तमाम क्षेत्रों में ढील देने की शुरुआत की गई है। दूसरे चरण में स्कूल, कॉलेज, शैक्षिक, प्रशिक्षण, कोचिंग संस्थान आदि को जुलाई में राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों से बातचीत के बाद खोला जाएगा। तीसरे चरण में अंतर्राष्ट्रीय हवाई यात्रा, सिनेमा हॉल, जिम, स्वीमिंग पूल, मनोरंजन पार्क आदि को खोला जाएगा, हालांकि इसके लिए अभी कोई तिथि निर्धारित नहीं की गई है।
धार्मिक स्थल प्रबंधकों को रखना होगा इन बातों का ध्यान
लोगों को धार्मिक स्थल में छह फीट की दूरी, चेहरे पर मास्क, सैनिटाइजेशन और थर्मल स्क्रीनिंग जैसी प्रक्रियाओं का पालन करना होगा। धार्मिक स्थलों के प्रबंधन को प्रवेश द्वार तय अवधि पर सैनिटाइज करना होगा। श्रद्धालुओं को जूते-चप्पल गाड़ी में ही छोड़ने होंगे, जिनके पास गाड़ी नहीं हैं, उन्हें रखने की व्यवस्था स्वयं करनी होगी। मंदिरों में प्रसाद नहीं मिलेगा। न ही कोई सामूहिक अनुष्ठान होगा। मंदिरों में न तो भगवान को कोई छू सकेगा और न ही पंडित चरणामृत दे सकेंगे। कोई भी श्रद्धालु प्रषाद भी नहीं चढ़ा सकेगा। भगवान से भी कम से कम छह फुट की दूरी बनाकर रखनी पड़ेगी। मंदिर के घंटों को भी श्रद्धालु नहीं बजा सकेंगे। इन्हें बांधने व ढकने के लिए कह दिया गया है। वहां रखे धार्मिक ग्रंथों को भी कोई नहीं छू सकेगा। पूजा के लिए अगर बैठना है तो लोगों को अपनी ही चटाई या आसन लेकर आना पड़ेगा। मंदिर के बाहर सर्किल बनाने होंगे, जब श्रद्धालु अंदर ज्यादा होंगे तो बाकियों तो बाहर इंतजार करना होगा।
रेस्टोरेंट मालिकों को रखना होगा इन बातों का ध्यान
यूटी प्रशासन ने रेस्टोरेंट के लिए भी गाइडलाइंस जारी किए हैं। इसके अनुसार रेस्टोरेंट में आकर खाना खाने की बजाय होम डिलीवरी को बढ़ावा दिया जाए। केवल बिना लक्षण वाले स्टाफ और ग्राहकों को ही रेस्टोरेंट में प्रवेश दिया जाए। कर्मचारियों को मास्क लगाने या फेस कवर करने पर ही अंदर एंट्री दी जाए और वह पूरे समय इसे पहने रहें। कोरोना की रोकथाम से जुड़े पोस्टर और विज्ञापन प्रमुखता से लगाने होंगे। रेस्टोरेंट परिसर, पार्किंग और आसपास के इलाके में शारीरिक दूरी का ध्यान रखा जाए। ग्राहकों की संख्या अधिक होने पर उन्हें वेटिंग एरिया में बैठाया जाए। रेस्टोरेंट परिसर में सोशल डिसस्टेंसिंग बनाए रखने के लिए फ्लोर पर मार्किंग करनी पड़ेगी ताकि लोग उचित 6 फीट दूरी से साथ लाइन में खड़े हो सकें। रेस्टोरेंट में ग्राहकों के आने और जाने के लिए अलग-अलग गेट होने चाहिए। टेबलों के बीच भी उचित दूरी जरूरी है। रेस्टोरेंट में 50 फीसद बैठने की क्षमता से ज्यादा लोग एक साथ बैठकर खाना नहीं खा पाएंगे।
शॉपिग मॉल्स में रखना होगा इन बातों का ध्यान
शॉपिंग मॉल में दुकानदारों को भीड़ जुटने से रोकना होगा ताकि शारीरिक दूरी के नियमों का पालन सुनिश्चित हो सके। प्रशासन ने कहा है कि एलिवेटरों पर भी लोगों की सीमित संख्या तय करनी होगी। मॉलों के अंदर दुकानें तो खुलेंगी, लेकिन गेमिंग आर्केड्स और बच्चों के खेलने की जगह और सिनेमा हॉल बंद रहेंगे। शॉपिंग मॉलों में एयर कंडिशनिंग 24 से 30 डिग्री और ह्यूमिडिटी 40 से 70 प्रतिशत रखने के निर्देश दिये गए हैं। इसके अलावा मॉल्स के अंदर में सोशल डिसस्टेंसिंग बनाए रखने के लिए फ्लोर पर मार्किंग करनी पड़ेगी, ताकि लोग उचित 6 फीट दूरी से साथ लाइन में खड़े हो सकें।