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विधानसभा में 20 कमरे लेने के लिए बदनौर के पास पहुंचा सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल

Sat, 07 Nov 2020 01:29 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़

सार

  • सीएम मनोहर लाल ने की अगुवाई, सदन में पारित प्रस्ताव की प्रति सौंपी
  • बदनौर का आश्वासन, हरियाणा को अवश्य मिलेगा हिस्सा, तीन सदस्यीय कमेटी होगी गठित
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बदनौर से मिला प्रतिनिधिमंडल... - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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विधानसभा में पंजाब से अपने हिस्से के 20 कमरे लेने के लिए हरियाणा का सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अगुवाई में पंजाब के राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर से मिला। विधानसभा सत्र में सर्वसम्मति से पारित एक प्रस्ताव की प्रति व ज्ञापन उन्हें सौंपा गया। बदनौर ने आश्वासन दिया कि हरियाणा को विधानसभा में उसका हिस्सा अवश्य मिलेगा।

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प्रतिनिधिमंडल में मुख्यमंत्री मनोहर लाल, विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता, पुरातत्व एवं संग्रहालय मंत्री अनूप धानक, नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुडडा, विधायक रघुवीर सिंह कादियान और किरण चौधरी शामिल रहे।

बदनौर को सौंपे ज्ञापन में हरियाणा ने कहा है कि विधानसभा भवन में 20 कमरे जो हमारा हिस्सा है उन पर आज भी पंजाब ने अवैध तौर से कब्जा किया हुआ है। हमारे कर्मचारियों, विभिन्न दल के नेताओं, मंत्रियों व समितियों की बैठक के लिए पर्याप्त स्थान नहीं है। विधानसभा भवन की ईमारत में अपना हिस्सा लेने के लिए किसी भी मंच पर हरियाणा अपनी बात पुरजोर तरीके व  एकजुटता के साथ उठाएगा। 
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पंजाब सरकार या पंजाब विधानसभा अध्यक्ष से हरियाणा का सदन अनुरोध करता है कि पंजाब पुर्नगठन अधिनियम, 1966 के तहत जो हरियाणा एवं पंजाब विधान भवन का बंटवारा 17 अक्टूबर 1966 को हुआ था, उसका सम्मान करते हुए हरियाणा और पंजाब भवन की ईमारत में 24630 वर्ग फुट स्थान खाली कर हरियाणा विधानसभा को सौंपा जाए।

 मनोहर लाल ने कहा कि राज्यपाल बदनौर ने आश्वासन दिया है कि वे विधानसभा के सही बंटवारे के लिए चंडीगढ़ के चीफ इंजीनियर को बुलाकर इस विषय की जांच करवाएंगे। इस मामले पर तीन सदस्यीय एक कमेटी गठित की जाएगी। हरियाणा का हिस्सा अवश्य मिलेगा।

हरियाणा को विधानसभा इमारत में मिल चुका बनता हिस्सा : राणा केपी
पंजाब विधानसभा के स्पीकर राणा केपी सिंह ने कहा कि विधानसभा इमारत में हरियाणा का जो भी हिस्सा बनता है, वह पहले ही उनके पास है। अब इस मामले में किसी अन्य छानबीन की जरूरत नहीं है। शुक्रवार को उन्होंने कहा कि हरियाणा को उनका बनता हिस्सा मिल चुका है। हरियाणा विधानसभा में गुरुवार को एक प्रस्ताव पारित कर मांग की गई थी कि पंजाब विधानसभा के पास हरियाणा के 20 कमरे हैं, जिन्हें जल्द से जल्द खाली करके हरियाणा को सौंपे जाएं। 

इस संबंध में हरियाणा सरकार की ओर से प्रदेश के राज्यपाल के समक्ष भी यह मामला उठाया गया है। इस संबंध में पंजाब विधानसभा के स्पीकर राणा केपी सिंह ने बताया कि हरियाणा विधानसभा के स्पीकर ने इस बाबत उन्हें एक पत्र लिखा था, जिसके मद्देनजर हमने अफसरों की एक कमेटी भी बनाई। उस कमेटी ने फिर से छानबीन के बाद बताया कि दोनों पक्षों का इमारत पर जो हिस्सा बनता है, वह उन्हीं के पास है।

उन्होंने कहा कि 54 साल बीत चुके हैं और 1966 में विधानसभा की इस इमारत का बंटवारा हुआ था। यह बंटवारा यूटी चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा के अफसरों ने विचार-विमर्श के बाद किया था। उस बंटवारे के मुताबिक ही आज दोनों विधानसभाओं के पास इमारत के कमरे हैं। उन्होंने कहा कि अब 54 साल बाद इसे मुद्दा बनाना समझ से परे है।

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