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बॉर्डर पर तनावः पंजाब में पूरा दिन गूंजती रही लड़ाकू विमानों की आवाज, ममदोट में सहमे ग्रामीण

Thu, 28 Feb 2019 09:21 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ममदोट (फिरोजपुर)
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बार्डर के माहौल की जानकारी देते हुए ग्रामीण
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भारत-पाक के बीच पैदा हुई तनावपूर्ण स्थिति से सीमा से सटे गांवों के लोग सहमे हैं। ग्रामीण अपने रिश्तेदारों से संपर्क कर बच्चों को सुरक्षित जगह पर भेजने की योजना बना रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अभी तक उन्हें प्रशासन और फौज ने गांव से जाने की बात नहीं कही है।

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बुधवार को आकाश में लड़ाकू विमानों की गूंजती आवाज सुनकर भी लोगों में दहशत फैली है। सीमा से सटे ग्रामीणों ने बताया कि पाक ने अपनी तरफ रेंजरों की गतिविधियां बढ़ा दी हैं। दूसरे दिन भी फेंसिंग पार खेतों में किसान खेती के लिए नहीं गए।

किसान कुलवंत सिंह ने बताया कि कश्मीर में दोनों देशों के बीच हो रही बमबारी के कारण ग्रामीणों में दशहत है। ग्रामीण अपने बच्चों को सुरक्षित जगहों पर रिश्तेदारों के पास भेजने की योजना बना रहे हैं। जिस तरह से भारत-पाक के बीच तनावपूर्ण स्थिति बनी है, उसे देख लगता है कि जंग किसी भी समय हो सकती है। पाक फौज ने 1965 और 1971 की जंग में ममदोट साइड में भी कब्जा कर लिया था।

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गांव हजारा सिंह वाला निवासी पिपल सिंह ने बताया कि बुधवार को आकाश में लड़ाकू जहाजों की गूंजती आवाज सुनाई देने से लोगों में भय है कि किसी भी समय जंग हो सकती है। क्योंकि कई वर्षों के बाद लड़ाकू जहाजों की आवाज सुनाई पड़ी है। सीमांत गांवों में सेना के अधिकारी भी गश्त कर रहे हैं। किसान निशान सिंह ने बताया कि पाक की तरह पहले की तुलना में अब रेंजरों की गतिविधियां ज्यादा देखने को मिल रही हैं। 

बलविंदर सिंह ने कहा कि जिस तरह भारत-पाक के बीच तनावपूर्ण स्थिति बनी है, उसे देखते हुए सीमांत गांवों के लोग सहमे हुए हैं। ग्रामीणों का हाल चाल पूछने के लिए अभी तक जिला प्रशासन का कोई भी अधिकारी और नेता नहीं पहुंचा है। ग्रामीण सहमे हुए हैं कि वह कहां जाएंगे, उन्हें कोई भी कुछ बताने को तैयार नहीं है। 

चांदी वाला निवासी छिंदो बाई व जसविंदर कौर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन्हें शहरों में चार-चार मरले जमीन दें, ताकि सरहद पर जंग का माहौल हो तो वह अपने परिवार के साथ सुरक्षित जगहों पर जाकर रह सकें। कई सरकारों ने उन्हें सरहद से दूर सुरक्षित जगहों पर मकान बनाने के लिए प्लॉट देने का वादा किया था। लेकिन अभी तक किसी ने उन्हें कोई प्लॉट मुहैया नहीं करवाया।

उधर, शहर क्षेत्र में बुधवार दिनभर सेना के वाहन दौड़ते नजर आए। लोगों ने खाने-पीने का सामान लेकर घरों में स्टोर कर लिया है। शहर के कई चौकों पर पुलिस ने रेत की बोरियां रखकर पक्के तौर पर नाकेबंदी कर दी है। सीमा की ओर जाने वाले वाहनों की गहन तलाशी ली जा रही है।
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