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अकांक्ष मर्डर: बयान दर्ज, दोस्तों ने घटनास्थल पर मौजूदगी से किया इनकार

Wed, 15 Feb 2017 09:31 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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हिमाचल के सीएम वीरभद्र सिंह के साले के बेटे की हत्या - फोटो : अमर उजाला
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बीएमडब्ल्यू से हिमाचल के मुख्यमंत्री के भतीजे अकांक्ष की बीएमडब्ल्यू कार से रौंदकर हत्या के मामले में उसके दोस्तों शेरा व दीप सिद्धु ने पुलिस से कहा कि वे घटना के वक्त मौके पर मौजूद नहीं थे, वे घर के अंदर थे। बाहर क्या हुआ उनको कुछ पता नहीं। जबकि घर के बाहर हंगामा होने की दो बार सूचना दीप सिद्धु ने ही 100 नंबर पर फोन कर दी थी। दोनों ने मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे अपने वकील हरमनप्रीत सिंह के साथ सेक्टर 3 पुलिस स्टेशन पहुंचकर बयान दर्ज करवाए। 
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इस दौरान थाने में डीआईजी आलोक कुमार और थाना प्रभारी पूनम दिलावरी मौजूद थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार पुलिस में दर्ज बयान में शेरा ने बताया कि घटना वाली सुबह वो सेक्टर 9 स्थित दीप सिद्धु के घर के अंदर था। सुबह एक्सीडेंट व शोर- शराबे की आवाज सुनकर जब तक वह बाहर आया तो देखा कि अदम्य व राजन किसी को कार में डालकर ले जा रहे हैं। कुछ दूर तक उसने उनकी कार का पीछा करने की कोशिश की। जब उनकी कार आगे निकल गई तो वह वापस सेक्टर 9 दीप के घर आकर सो गया। शेरा का कहना है कि बीएमडब्ल्यू कौन चला रहा था उसके साथ कौन बैठा था ये उसको नहीं पता है। 

वही सूत्रों के मुताबिक दीप सिद्धू ने अपने बयानों में कहा कि उसने घर के बाहर हंगामा सुना। जिस पर सुबह करीब 4.30 बजे उसने 100 पर फोन कर हंगामे की कॉल की। लेकिन जब पीसीआर वहां पहुंची तब वहां कोई नहीं था। उसने भी पीसीआर वालों को यही कहा कि शायद हंगामा करने वाले युवक वहां से चले गए। इसके बाद जब उसने सुबह घर के बाहर एक्सीडेंट व शोर सुना तो उसे लगा फिर से कोई हंगामा कर रहा है। उसने सुबह फिर घर के बाहर हंगामा होने की 100 नंबर पर कॉल की। लेकिन घर से बाहर आकर नहीं देखा कि वहां क्या हो रहा है। 
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दोनों को सरकारी गवाह बना सकती है पुलिस

- फोटो : अमर उजाला
वहीं इन बयानों पर पुलिस का कहना है कि सिद्धू ने दो बार कॉल की तो उसको पता है कि अकांक्ष व आरोपियों में हत्या से पहले झगड़ा हुआ। तभी उसने दो बार पुलिस को फोन कर हंगामे की जानकारी दी।

वहीं सूत्रों का कहना है कि  पुलिस  शेरा व  दीप सिद्धू को मामले में अहम गवाह मानते हुए सरकारी गवाह बनाने की तैयारी कर रही है। वहीं पोस्ट मार्टम रिपोर्ट में अकांक्ष की मौत का कोई साफ कारण सामने नहीं आया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया है कि अकांक्ष की मौत सिर की हड्डियों के बुरी तरह टूटने की वजह से हुई थी।

जब तक अकांक्ष पीजीआई में भर्ती था डाक्टरों ने उसका कोई इलाज भी नहीं शुरू किया था क्योंकि उसका सिर इस तरह कुचला हुआ था कि कोई इलाज या आपरेशन नहीं किया जा सकता था। हालांकि पोस्टमार्टम करने वाले डाक्टरों का साफ कहना है कि केमिकल जांच की रिपोर्ट के  बिना वे नहीं कह सकते कि अकांक्ष की मौत कैसे हुई थी। केमिकल रिपोर्ट सीएफएसएल से आएगी। उसमें  एक महीना या उससे ज्यादा  का समय लग सकता है।

हाई प्रोफाईल मामलों को सुलझा पाने में इंस्पेक्टर पूनम दिलावरी की नाकामी एक बार फिर दिख रही है।  इससे पहले सिंतबर 2015  में जब वह सेक्टर 26 पुलिस स्टेशन में एसएचओ थीं, तब नेशनल शूटर सिप्पी सिद्धू की हत्या का मामला नहीं सुलझा पाई थीं। जिसके बाद वह मामला सीबीआई को सौंप दिया गया। अब अकांक्ष मर्डर केस में भी वह हत्या के पांच दिन बीतने के बाद भी किसी को गिरफ्तार नहीं कर पाई हैं।  यहां तक की हत्या में इस्तेमाल हुई बीएमडब्ल्यू कार का भी सुराग नहीं लगा है। 
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