फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अकांक्ष मर्डर केस में 79वें दिन 443 पेज का चालान दाखिल, चेचेरे भाई को बनाया गवाह

Sun, 07 May 2017 01:12 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
मृतक अकांक्ष का फाइल फोटो - फोटो : file photo
विज्ञापन
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पत्नी के भतीजे अकांक्ष सेन हत्याकांड मामले में शनिवार को सेक्टर-3 थाना पुलिस ने जिला अदालत में चालान दाखिल कर दिया। 16 फरवरी को सह आरोपी हरमेहताब सिंह उर्फ फरीद की गिरफ्तारी के 79 वें दिन पुलिस ने उसके खिलाफ धारा 302 और 34 आईपीसी के तहत चालान दाखिल किया है। मामले की अगली सुनवाई 17 मई को आरोपी फरीद को चालान की कॉपी सौंपी जाएगी।
विज्ञापन

  इसके बाद आरोप तय होने पर केस का ट्रायल शुरू होगा। वहीं हत्याकांड का मुख्य आरोपी बलराज सिंह रंधावा को अदालत भगोड़ा घोषित कर चुकी है। उसकी गिरफ्तारी होने के बाद ही उसके खिलाफ सप्लीमेंटरी चालान पेश होगा। पुलिस की ओर से 443 पेज के चालान में 41 गवाह बनाए गए हैं। इनमें अकांक्ष के चचेरे भाई अदम्य सिंह राठौड़, दोस्त शेरा, राजन और राजा सिद्घू को प्रत्यक्ष गवाह बनाया गया है।

इसके अलावा सबूत के तौर पर अकांक्ष की पीजीआई से जारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट को बतौर सबूत पेश किया गया है। हालांकि अभी उसकी विसरा रिपोर्ट (सीएफएसएल) पेंडिंग है।
विज्ञापन

पुलिस ने चालान में बीएमडब्ल्यू कार की सीएफएसएल रिपोर्ट को भी बतौर सबूत पेश किया है। इसी कार से अकांक्ष को टक्कर मारी गई थी। एक्सपर्ट से इसकी जांच करवाकर इसकी रिपोर्ट बनवाई गई थी।

अप्रैल में भगोड़ा घोषित हुआ था रंधावा
अकांक्ष हत्याकांड में मुख्य आरोपी बलराज सिंह रंधावा को जिला अदालत ने पांच अप्रैल को ही भगौड़ा (पीओ) करार दिया था। इसके बाद पुलिस ने बलराज पर रखी इनामी राशि 50 हजार रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दी थी।
विज्ञापन

ये है मामला

अकांक्ष मर्डर केस - फोटो : file photo
हिमाचल सीएम वीरभद्र सिंह की पत्नी का भतीजा और सोलन निवासी अकांश सेन सेक्टर-9 में नेशनल शूटर राजा सिद्धू के घर पर रुका हुआ था। अकांश ने एक माह पहले ही पार्टनरशिप में सेक्टर-9 में बूमबॉक्स कैफे खोला था। आठ फरवरी की रात सिद्घू के घर पर पार्टी थी। इसमें फरीद और बलराज भी आए हुए थे।

अकांक्ष के साथ उसका दोस्त शेरा भी था। पार्टी के दौरान शेरा और दोनों आरोपियों में किसी बात पर बहस हो गई और नौबत हाथापाई तक पहुंच गई। उस समय बीच बचाव कर मामला शांत करवा दिया गया। इसके बाद अकांक्ष सेन और उसका भाई अदम्य सिंह राठौड़ वहां से सेक्टर-18 आ गए। सुबह पांच बजे अकांक्ष ने एक दोस्त करन को सेक्टर-18 बुलाया और सेक्टर-9 दोबारा देखने पहुंच गए कि उसके बाद कोई झगड़ा नहीं हुआ।

उनको वहां देखते ही बलराज गुस्से में आ गया और बीएमडब्लू कार में बैठा। उसके साथ फरीद भी बैठ गया। बलराज ने तेज गति से बीएमडब्लू कार अकांक्ष पर चढ़ा दी। उसका भाई अदम्य राठौड़ और उसके दोस्त उसे फौरन पीजीआई ले जाया गया। घटना के बाद से वह कोमा में था। उसके सिर पर गंभीर चोट लगी थी। 10 फरवरी को अकांक्ष ने पीजीआई में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस मामले में सेक्टर-3 थाना पुलिस ने लांडरा निवासी हरमेहताब सिंह उर्फ फरीद और सोहाना निवासी बलराज सिंह रंधावा के खिलाफ हत्या की धाराओं में केस दर्ज किया था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें