हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पत्नी के भतीजे अकांक्ष सेन हत्याकांड मामले में शनिवार को सेक्टर-3 थाना पुलिस ने जिला अदालत में चालान दाखिल कर दिया। 16 फरवरी को सह आरोपी हरमेहताब सिंह उर्फ फरीद की गिरफ्तारी के 79 वें दिन पुलिस ने उसके खिलाफ धारा 302 और 34 आईपीसी के तहत चालान दाखिल किया है। मामले की अगली सुनवाई 17 मई को आरोपी फरीद को चालान की कॉपी सौंपी जाएगी।
इसके बाद आरोप तय होने पर केस का ट्रायल शुरू होगा। वहीं हत्याकांड का मुख्य आरोपी बलराज सिंह रंधावा को अदालत भगोड़ा घोषित कर चुकी है। उसकी गिरफ्तारी होने के बाद ही उसके खिलाफ सप्लीमेंटरी चालान पेश होगा। पुलिस की ओर से 443 पेज के चालान में 41 गवाह बनाए गए हैं। इनमें अकांक्ष के चचेरे भाई अदम्य सिंह राठौड़, दोस्त शेरा, राजन और राजा सिद्घू को प्रत्यक्ष गवाह बनाया गया है।
इसके अलावा सबूत के तौर पर अकांक्ष की पीजीआई से जारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट को बतौर सबूत पेश किया गया है। हालांकि अभी उसकी विसरा रिपोर्ट (सीएफएसएल) पेंडिंग है।
पुलिस ने चालान में बीएमडब्ल्यू कार की सीएफएसएल रिपोर्ट को भी बतौर सबूत पेश किया है। इसी कार से अकांक्ष को टक्कर मारी गई थी। एक्सपर्ट से इसकी जांच करवाकर इसकी रिपोर्ट बनवाई गई थी।
अप्रैल में भगोड़ा घोषित हुआ था रंधावा
अकांक्ष हत्याकांड में मुख्य आरोपी बलराज सिंह रंधावा को जिला अदालत ने पांच अप्रैल को ही भगौड़ा (पीओ) करार दिया था। इसके बाद पुलिस ने बलराज पर रखी इनामी राशि 50 हजार रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दी थी।