शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने कांग्रेस छोड़कर आप में शामिल होने वाले विधायक राजकुमार चब्बेवाल के बारे में कई दावे किए हैं। मजीठिया ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पहले पूर्व कांग्रेसी नेता डॉ. राजकुमार चब्बेवाल के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया था, लेकिन विधायक के आम आदमी पार्टी में शामिल होने के बाद उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की कार्रवाई को वापस ले लिया गया। इस पूरी घटना की सीबीआई जांच की जानी चाहिए, ताकि सच्चाई सबके सामने आ सके।
मजीठिया ने चब्बेवाल के खिलाफ जांच रिपोर्ट दिखाते हुए कहा कि ‘कट्टर ईमानदार’ नेताओं अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान के दोहरे मापदंड सबके सामने आ गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले सीएम ने चब्बेवाल के खिलाफ आपराधिक, धोखाधड़ी और जालसाजी में शामिल होने के लिए जांच का आदेश दिया और जांच रिपोर्ट में इन सभी आरोपों में कांग्रेसी नेता के खिलाफ कार्रवाई के भी आदेश दिए, लेकिन अब उन्हें आप में शामिल करके होशियारपुर से पार्टी उम्मीदवार बनाकर उनके पापों को धोने के लिए तैयार हो गए हैं।
मजीठिया ने आरोप लगाया कि कांग्रेसी नेता ने पंजाब निर्माण कार्यक्रम के तहत 2022 में पिछले विधानसभा चुनाव की पूर्व संध्या पर उनके घरों की छतों की मरम्मत के लिए बीडीपीओ के लेटर हेड में जालसाजी की और 4600 गरीब व्यक्तियों को 10 हजार से 35 हजार रुपये के बीच की राशि देने के प्रमाण पत्र जारी किए गए। यह मुद्दा चुनाव के दौरान ही सामने आया, जब लाभार्थियों ने डिप्टी कमिश्नर से शिकायत की कि उन्हें योजना के तहत राशि नहीं मिली है। फंड जारी करने की मांग को लेकर होशियारपुर के डिप्टी कमिश्नर कार्यालय में धरना देकर लाभार्थियों को गुमराह करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका झूठ सबके सामने उजागर हुआ।
मजीठिया ने कहा कि एक अधिकारी ने हस्तक्षेप करके चब्बेवाल को आप को शामिल करवाया है, इसलिए उन्होंने चुनाव आयोग से मांग की है कि जिस तरह से संबंधित अधिकारी ने अपने सांविधानिक पद का दुरुपयोग किया है, उसका संज्ञान लेकर उसे तत्काल बर्खास्त किया जाए। उन्होंने यह भी मांग की कि पूरी घटना की सीबीआई जांच से यह सामने आ जाएगा कि चब्बेवाल के खिलाफ मामले में आगे की कार्रवाई नहीं करने में मुख्यमंत्री की भूमिका है या नहीं। उन्होंने कहा कि आप अपने विरोधियों को अपनी तरफ करने के लिए विजिलेंस विभाग का उपयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने विधानसभा में कहा था कि 800 बसें बड़ी संख्या में पूर्व परिवहन मंत्री अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने राजस्थान भेजकर राज्य को नुकसान पहुंचाया है, लेकिन अब तक कांग्रेसी नेता के खिलाफ आगे की कार्रवाई की कोई सूचना नहीं दी है। इससे स्पष्ट है कि ये दोनों पार्टियां गठबंधन में है।
डॉ. चब्बेवाल ने मजीठिया के आरोपों को बताया बेबुनियाद
आम आदमी पार्टी नेता डॉ. राज कुमार चब्बेवाल ने बिक्रम मजीठिया के आरोपों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि ये सभी आरोप झूठे और निराधार हैं। शिरोमणि अकाली दल के नेता लोगों को गुमराह करने के लिए उन पर मनगढ़ंत आरोप लगा रहे हैं।
चब्बेवाल ने कहा कि वह हमेशा गरीब लोगों के घरों की गिरती छतों का मुद्दा उठाते रहे हैं। यहां तक कि 4600 लोगों के पक्के मकानों के लिए 4 करोड़ 96 लाख रुपये की धनराशि जारी की गई। 70-80 लाख ही बांटे गए, फिर सरकार बदल गई और धनराशि वापस आ गई।
उन्होंने कहा कि कोई भ्रष्टाचार या वित्तीय घोटाला नहीं हुआ है। विजिलेंस ब्यूरो और बीडीपीओ कार्यालय ने अपनी जांच की थी जिसमें कुछ भी गलत नहीं पाया। विजिलेंस ब्यूरो ने यह जांच 5 महीने पहले की थी, जब उनके आप में शामिल होने की कोई बात नहीं थी। पंजाब और पंजाब के युवाओं की दुर्दशा के लिए जिम्मेदार बिक्रम मजीठिया जैसे लोग उनकी छवि खराब करने के लिए उन पर बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने मजीठिया को इन आरोपों को साबित करने की चुनौती दी और कहा कि अगर वह गरीबों के पैसे से एक रुपया भी लेने के दोषी पाए गए तो वह राजनीति से संन्यास ले लेंगे, लेकिन अगर मजीठिया झूठे साबित हुए तो वे राजनीति छोड़ दें।