शिरोमणि अकाली दल की जन व धर्म विरोधी नीतियों के खिलाफ अकाली वर्करों और नेताओं में भी रोष बढ़ता जा रहा है। शिअद की अमृतसर शहरी इकाई में उस समय बड़ा धमाका हुआ जब उपकार सिंह संधू ने जिला पार्टी अध्यक्ष पद से अपना त्यागपत्र दे दिया।
संधू ने अपना त्यागपत्र शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल को भेज दिया है। देर शाम संधू ने पंजाब ऊर्जा विकास एजेंसी (पीडा) के चेयरमैन पद से भी त्यागपत्र दे दिया। यह त्यागपत्र संधू ने मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को भेजा है। संधू माझा के अकाली जरनैल होने का दावा करने वाले बिक्रम सिंह मजीठिया के खास आदमियों में से एक थे।
संधू के त्याग पत्र देने से अकाली दल को अमृतसर में बड़ा झटका लगा है। मालूम हो कि संधू ने अकाली दल के खिलाफ बोलने वाले नवजोत सिंह सिद्धू दंपत्ति के खिलाफ मोर्चा खोले रखा और उन्हें पूरी राजनीतिक टक्कर देते रहे।
संधू ने अपने त्यागपत्र में लिखा है कि राज्य में पिछले दिनों से हो रही घटनाओं ने उनके मन को काफी अशांत किया है। उनके मन पर इनका गहरा असर हुआ है।
वहीं श्री गुरु ग्रंथ साहिब की जगह जगह हुई बेअदबी, शांतिमय ढंग से आवाज उठाने वालों पर गोलियां चलाकर लोगों को शहीद करना और श्री अकाल तख्त साहिब के विवादित गुरमते से उनको काफी मानसिक परेशानी हुई है।
यह सब अकाली दल की गलत नीतियों के कारण हुआ है। वह और सहन नहीं कर सकते। इस लिए उन्होंने जिला अध्यक्ष अकाली दल और पीडा के चेयरमैन के पद से त्यागपत्र दे दिया है।